Patna High Court New Chief Justice: करीब दो महीने के इंतजार के बाद पटना हाईकोर्ट को नियमित मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने देश के विभिन्न हाईकोर्ट में आठ मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की घोषणा की है, जिसमें पटना हाईकोर्ट भी शामिल है। जस्टिस वी. कामेश्वर राव के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 अगस्त 2026 को की थी। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, उनके शपथ ग्रहण की तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है।
पटना हाईकोर्ट के 49वें नियमित चीफ जस्टिस होंगे
जस्टिस वी. कामेश्वर राव पटना हाईकोर्ट के 49वें नियमित मुख्य न्यायाधीश होंगे। इससे पहले पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मीनाक्षी मदन राय 11 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हुई थीं। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सुधीर सिंह कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। करीब दो महीने बाद अब पटना हाईकोर्ट को नियमित मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। पटना हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 53 है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल हाईकोर्ट में 43 न्यायाधीश कार्यरत हैं।
भूगोल की पढ़ाई से शुरू हुआ दिलचस्प सफर
जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव का शैक्षणिक और न्यायिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उनका जन्म 7 अगस्त 1965 को आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले के पोन्नामंडा गांव से जुड़े परिवार में हुआ था। हालांकि, उनकी प्रारंभिक शिक्षा और आगे की पढ़ाई दिल्ली में हुई। उन्होंने वर्ष 1987 में दिल्ली विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में बीए ऑनर्स की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की और वर्ष 1990 में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। मार्च 1991 में उन्होंने दिल्ली बार काउंसिल में अपना पंजीकरण कराया और इसके बाद वकालत के क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया।
सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में लंबा अनुभव
जस्टिस कामेश्वर राव ने करीब 20 वर्षों तक कानून के क्षेत्र में प्रैक्टिस की। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल यानी CAT में विभिन्न मामलों की पैरवी की। उनकी विशेषज्ञता सेवा मामलों, श्रम कानून, संवैधानिक कानून, प्रशासनिक कानून और मध्यस्थता से जुड़े मामलों में रही है। कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव और योगदान के बाद वर्ष 2010 में उन्हें सीनियर एडवोकेट बनाया गया। इसके बाद उनका न्यायिक करियर एक नई दिशा में आगे बढ़ा और उन्हें हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
2013 में बने हाईकोर्ट के जज
17 अप्रैल 2013 को जस्टिस वी. कामेश्वर राव को दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। करीब दो साल बाद 18 मार्च 2015 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। वर्ष 2024 में उनका तबादला कर्नाटक हाईकोर्ट कर दिया गया। वहां भी उन्होंने महत्वपूर्ण न्यायिक जिम्मेदारियां निभाईं। मई 2025 में जस्टिस राव ने कर्नाटक हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद जुलाई 2025 में वह दोबारा दिल्ली हाईकोर्ट लौट आए। अब उन्हें पटना हाईकोर्ट का नियमित मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?
जस्टिस वी. कामेश्वर राव ऐसे समय पटना हाईकोर्ट की कमान संभालेंगे, जब अदालत के समक्ष बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण मामले लंबित हैं। इनमें जमीन विवाद, सरकारी नियुक्तियां, सेवा मामलों के साथ प्रशासनिक और संवैधानिक मुद्दों से जुड़े मुकदमे भी शामिल हैं। उनके लंबे न्यायिक और कानूनी अनुभव को देखते हुए पटना हाईकोर्ट की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जस्टिस वी. कामेश्वर राव अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। फिलहाल सभी की नजर उनके शपथ ग्रहण की तारीख पर टिकी हुई है, जिसकी घोषणा जल्द होने की संभावना है।


















