बोकारोः मार्क्सवादी समन्वय समिति(मासस) और माकपा माले के संयुक्त तत्वावधान में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया.
इस मौके पर बगोदर विधायक विनोद कुमार सिंह ने केन्द्र सरकार की नीतियों पर जोरदार हमला बोला और कहा कि रैयतों की जमीन को निजी उधोगपतियों के हाथों में सौंपना किसानों के साथ विश्वासघात है.
विनोद कुमार सिंह ने कहा कि जब बीएसएल ने जमीन का अधिग्रहण कर रैयतों का नियोजन नहीं किया, तब प्राइवेट सेक्टर में रैयतों का क्या हाल होगा, इसका अन्दाजा लगाया जा सकता है.

विनोद कुमार सिंह ने हेमंत सरकार की आचोलचना करते हुए कहा जलसहिया सहित कई विभागों में कर्मचारियों को सात-सात माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. राज्य सरकार भी आम लोगों की आकांक्षा पर खरी नहीं उतर रही.
मौके पर नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार की तकनीकी भूल से झारखंड के 8 लाख लोग राशन कार्ड से वंचित रह गए. मोदी सरकार ने कहा था कि 2022 तक सभी को आवास दिया जाएगा, लेकिन आवास की क्या उम्मीद किया जाए यहां तो गरीबों-मजलूमों को महज एक राशन कार्ड से वंचित कर दिया गया. मोदी सरकार देश को उस मोड़ पर ले जाना चाहती है जहां से वापस आना मुश्किल होगा.
नेताओं ने वेदांता इलेक्ट्रोस्टी पर मजदूरों का शोषण करने और जमीन लेकर अपने वादे पर खरा नहीं उतरने का भी आरोप लगाया.
रिपोर्टः चुमन


















