UP : सीएम योगी का बड़ा फैसला – शिक्षकों की डिजीटल हाजिरी व्यवस्था स्थगित और लखनऊ में नहीं चलेगा बुलडोजर, लगे ‘योगी हैं तो यकीन है’ के नारे

डिजीटल डेस्क : UPसीएम योगी का बड़ा फैसला – शिक्षकों की डिजीटल हाजिरी व्यवस्था स्थगित, लखनऊ में नहीं चलेगा बुलडोजर, लगे ‘योगी हैं तो यकीन है’ के नारे। दिल्ली की सत्ता का रास्ता जिस यूपी से होकर जाता है, उसी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व्यापक जनसमुदाय से जुड़े दो अहम मसलों पर अपना पुराना फैसला तत्काल प्रभाव से खुद ही स्थगित कर दिया।

पहला यह है कि अब सरकारी शिक्षकों को अब डिजिटल अटेंडेंस नहीं लगानी होगी क्योंकि सरकार ने 2 महीने के लिए इसे स्थगित कर दिया है। दूसरा फैसला यह कि लखनऊ के पंतनगर में घरों पर बुलडोजर भी नहीं चलेगा और इलाके के प्रभावित परिवारों ने मंगलवार को जब सीएम योगी से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बयां की तो तत्काल उस संबंध में सीएम योगी ने बुलडोजर वाली कार्रवाई रोकने का आदेश दे दिया।

सीएम योगी का आदेश जारी होते ही लखनऊ के पंतनगर में बुलडोजर के पहिए थम गए और लोगों ने ‘योगी हैं तो यकीन है’ के नारे भी लगाए।

बिना लोगों के कोर्ट गए अपने स्तर पर सीएम के फैसले को प्रभावितों ने सराहा

ये रोक अदालत ने नहीं, यूपी की योगी सरकार ने खुद लगाई है यानी 24 घंटे के अंदर सरकार ने यूपी के लोगों को दो बड़ी राहत दी है। सीएम के इस फैसले से सभी प्रभावित पक्ष खासे खुश हैं। हालांकि, इस राहत को पाने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी, गुहार लगानी पड़ी और आखिर में लोगों का दबाव काम आया और बात सीधे सीएम योगी तक पहुंची और उन्होंने समस्या को समझने के उपरांत तत्काल पुराने फैसले पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।

यूपी के प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. एमकेएस सुंदरम ने बताया कि शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था को दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। मामले में शिक्षकों की समस्या के समाधान और डिजिटल अटेंडेंस की दिक्कतों को खत्म करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जा रहा है। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने बताया कि गठित हो रही कमेटी शिक्षकों के मुद्दों को समझेगी और फिर अपनी सिफारिशें देगी।

प्रदेश सरकार के इस फैसले पर शिक्षकों ने कहा कि उनको ऑनलाइन हाजिरी लगाने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है लेकिन स्कूलों में नेटवर्क नहीं है, व रास्ते सही नहीं है। पहले उन सारी बुनियादी समस्याओं को दूर किया जाए और तब शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी देने को तैयार हैं।

डिजिटल अटेंडेंस पर शिक्षकों की नाराजगी पर संजीदा थे सीएम, फैसले से शिक्षक खुश

बता दें कि डिजिटल अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले ही सभी डीएम, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) के साथ मिलकर शिक्षकों व शिक्षक प्रतिनिधियों से संवाद करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारु रूप से चलता रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाए।

इससे पहले भी सीएम ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों से वार्ता कर समाधान निकालने के निर्देश दिए थे। परिषदीय विद्यालयों में बीते 8 जुलाई से शिक्षकों के डिजिटल अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए गए थे। उसे लेकर शिक्षक पिछले एक सप्ताह से आंदोलनरत थे। गत सोमवार को भी उन्होंने हर जिले में प्रदर्शन कर सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजा। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के साथ बेसिक के शिक्षक संगठनों की हुई वार्ता हुई। उसके बाद यह निर्णय लिया गया।

सरकार के फैसले पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि शासन ने फिलहाल डिजिटल अटेंडेंस स्थगित करने पर सहमति दी है। जल्द इसका आदेश जारी होगा। शिक्षकों की समस्या के समाधान और डिजिटल अटेंडेंस की दिक्कत के समाधान के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। इसमें शिक्षाविद, शिक्षक नेता और अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डा. एमकेएस सुंदरम, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा आदि अधिकारी उपस्थित थे।

मंगलवार को लखनऊ में यूपी के मुख्य सचिव शित्रक संगठनों के प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए।
मंगलवार को लखनऊ में यूपी के मुख्य सचिव शित्रक संगठनों के प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए।

लखनऊ में कुकरैल नदी के 50 मीटर के दायरे के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई थमी

लखनऊ के कुकरैल नदी के किनारे घरों को चिन्हित किया गया था। नदी के 50 मीटर के दायरे में बने घरों को अवैध बताया गया था। कुकरैल रिवरफ्रंट के दायरे में रहीमनगर, खुर्रमनगर, इंद्रप्रस्थ नगर, पंतनगर और अबरार नगर के करीब एक हजार मकान हैं। इन मकानों को चिह्नित कर उनपर लाल निशान लगा दिए गए थे और इन्हीं मकानों पर बुलडोजर चलाया जाना था।

लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था और दावा किया कि उनके पास इसकी रजिस्ट्री की कॉपी है, बिजली के बिल हैं तो फिर घर कैसे अवेध हो गया। यहां के निवासियों का कहना था कि जीवनभर की कमाई से उन्होंने मकान बनाने के क्रम में लोन तक लिया था और अब मकान टूटने के बाद सभी सड़क पर आ जाएंगे। कई निवासियों के बेटी की शादी कार्रवाई के जद में आ रहे घर से ही होनी भी तय हो चुकी थी। इस संबंधी स्थानीय लोगों की गुहार सीएम योगी तक पहुंची तो उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश जारी किया कि पंतनगर, खुर्रम नगर और अबरार नगर में कुकरैल नदी के किनारे घर नहीं तोड़े जाएंगे।

बुलडोजर कार्रवाई के जद में आ रहे परिवार आज सीएम योगी से मिले

प्रभावित परिवार के लोग मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंतनगर हो या इंद्रप्रस्थ नगर, वहां निवासरत लोगों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण जीवन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। संबंधित प्रकरण में एनजीटी के आदेशों के क्रम में नदी के फ्लड प्लेन जोन का चिन्हांकन किया गया है। फ्लड प्लेन ज़ोन में निजी भूमि भी सम्मिलित है, लेकिन निजी भूमि को खाली कराने की न तो वर्तमान में कोई आवश्यकता है और न ही कोई प्रस्ताव है।

निजी भूमियों में बने निजी भवनों के ध्वस्तीकरण का कोई विषय विचाराधीन नहीं है। यही नहीं, उन्होंने कहा कि फ्लड प्लेन जोन चिन्हीकरण के दौरान भवन निर्माणों पर लगाये गये संकेतों से आम जन में भय और भ्रम फैला है जिसका कोई औचित्य नहीं था और इसके लिए जवाबदेही तय की जाए। प्रभावित परिवारों से मुख्यमंत्री ने कहा कि रिवर बेड विकसित करने में यदि कोई निजी भूमि पर बना भवन निर्माण आता है, जिसका प्रमाणित स्वामित्व किसी निजी व्यक्ति का है, उसे नियमानुसार समुचित मुआवजा देकर ही अधिग्रहीत किया जाएगा। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद प्रसन्नचित परिवारों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और ‘योगी हैं तो यकीन है’ के नारे भी लगाए।

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