Supreme Hearing : सीजेआई बोले – नीट यूजी 2024 का पेपर 4 मई से पहले हुआ लीक

डिजीटल डेस्क : Supreme Hearingसीजेआई बोले – नीट यूजी 2024 का पेपर 4 मई से पहले हुआ लीक। विवादों से घिरी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2024 से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। दोपहर में भोजनावकाश के बाद सुनवाई फिर से जारी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि इसके सामाजिक प्रभाव हैं। इस बीच याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने पेपर लीक होने और व्हाट्सऐप के जरिए लीक हुए प्रश्नपत्रों के प्रसार की बात स्वीकार की है। सीजेआई ने कहा कि आरोपियों के बयानों से संकेत मिलता है कि नीट यूजी 2024 का पेपर लीक 4 मई से पहले हुआ था।

वरिष्ठ वकील नरेंद्र हुड्डा का दावा – नीट यूजी पेपर लीक 3 मई या उससे पहले ही हुआ

याचिकाकर्ताओं-छात्रों के वकील की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा ने कोर्ट को बताया कि बिहार पुलिस की जांच के बयानों में कहा गया है कि लीक 4 मई को हुआ था और संबंधित बैंकों में प्रश्नपत्र जमा करने से पहले हुआ। इस मामले में एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट में नया फलफनामा दाखिल किया है, जिस पर आज सुनवाई हो रही है। पिछली सुनवाई में आईआईटी-मद्रास के निदेशक की रिपोर्ट पर सवाल उठे थे। इस नए हलफनामे में एनटीए ने आईआईटी मद्रास के निदेशक के खिलाफ हितों के टकराव के आरोपों का खंडन किया है। याचिकाकर्ता के वकीलों ने एनटीए की ओर से जारी परिणाम की खामियां गिनाई हैं। वरिष्ठ वकील नरेंद्र हुड्डा ने कहा कि हकीकत यह है कि पेपर तीन मई या उससे पहले लीक हुआ। एनटीए जो पांच मई को पेपर लीक की बात कह रहा है उसमें सच्चाई नहीं है। यह किसी निचले स्तर का काम नहीं है बल्कि इसके पीछे पूरा गैंग शामिल है। संजीव मुखिया और बाकी लोग गिरफ्तार नहीं हुए हैं।

सीजेआई बोले – नीट पेपर लीक केवर हजारीबाद या पटना तक सीमित नहीं..

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ई-रिक्शा द्वारा प्रश्नपत्र ले जाना एक स्थापित तथ्य है, लेकिन छोटी सी बात यह है कि जो तस्वीर वितरित की गई थी, वह प्रश्नपत्र की नहीं बल्कि ओएमआर शीट की थी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोपियों के बयान पढ़े। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अदालत को यह देखना होगा कि क्या लीक स्थानीय है और केवल हजारीबाग और पटना तक ही सीमित है या यह व्यापक और व्यवस्थित है। इसके बाद याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि एनटीए के अनुसार 24 अप्रैल को पेपर भेजे गए और 3 मई को पेपर बैंक में पहुंच गए। इसलिए 24 अप्रैल से 3 मई के बीच पेपर निजी खिलाड़ियों के हाथों में रहे। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि हरदयाल स्कूल झज्जर के प्रिंसिपल दोनों बैंकों (एसबीआई और केनरा बैंक) में गए और प्रश्नपत्र लिए। केनरा बैंक से पेपर उम्मीदवारों को वितरित किए गए, लेकिन एसबीआई के पेपर वितरित किए जाने थे, केनरा बैंक के नहीं। इस पर सीजेआई ने पूछा कि जब एसबीआई के पेपर वितरित किए जाने थे, तो झज्जर केंद्र प्रभारी केनरा बैंक कैसे गए और पेपर कैसे लाए? सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चिंटू के बयान के मुताबिक पांच मई को सुबह 10 बजे सॉल्व पेपर मोबाइल पर मिला. उसके बाद प्रश्न पत्र छात्रों को प्रिंट निकालकर याद करने के लिए दिया गया। सीजेआई ने कहा कि आप हमें ऑल इंडिया डेटा के बारे में बताइए जो आपने जारी किया है। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हमने बिहार के सेंटर शहर और राज्य के छात्रों के सफलता रेशियो का अध्ययन किया है और इसकी तुलना 2022 और 2023 से की है जिसमें कोई असामानता नहीं है।

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने एक के बाद एक कई सवाल पूछे

सीजेआई ने कहा कि अनुराग यादव के बयान से लगता है कि उसे पेपर चार मई को मिल गया था, फिर भी हमें देखना है कि पेपर लीक क्या पटना, हजारीबाग तक ही सीमित था या लीक व्यापक स्तर पर हुआ था? हमारे पास अभी तक कोई ऐसा सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि लीक इतनी व्यापक था और पूरे देश में फैल गया था। हमें यह देखना होगा कि क्या पेपर लीक स्थानीय स्तर पर है और यह भी देखना होगा कि पेपर सुबह 9 बजे लीक हुआ और साढ़े दस बजे तक हल हो गया। अगर हम इस पर विश्वास नहीं करते हैं तो आपको हमें यह दिखाना होगा कि लीक हजारीबाग और पटना से भी आगे हुआ था। उन्होंने कहा कि आप हमें बताएं कि पेपर लीक कितना व्यापक है। सीबीआई की तीसरी रिपोर्ट से हमें पता चला है कि प्रिंटिंग प्रेस कहां स्थित थी? सीजेआई ने पूछा कि क्या सेंटर इंचार्ज को दोनों बैंकों से पेपर मिलते हैं? सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि किसी सिटी इंचार्ज को यह नहीं बताया जाता कि किस बैंक से पेपर लेना है? सीजेआई ने पूछा कि क्या बैंकों को इस बारे में जानकारी नहीं है।

नीट यूजी 2024 को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर हुईं 40 से अधिक याचिकाएं

सुप्रीम कोर्ट मामले में 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। याचिकाओं में एनटीए की अर्जियां भी शामिल हैं। एनटीए ने विभिन्न हाइकोर्ट में उसके खिलाफ लंबित मामलों को सुप्रीम कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2024 बीते 5 मई को आयोजित की गई थी। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने बीते शनिवार को मेडिकल प्रवेश परीक्षा के शहर और केंद्रवार परिणाम जारी किए थे। एनटीए द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं से कथित तौर पर लाभान्वित होने वाले उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। हालांकि, कुछ केंद्रों पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों की संख्या अधिक थी। यह डेटा 4,750 केंद्रों के 32 लाख से अधिक उम्मीदवारों का था।

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