डिजीटल डेस्क : बांग्लादेश में अंतरिम सरकार 8 अगस्त को बनेगी, मोहम्मद युनूस होंगे पीएम, खालिदा जिया ने की शांति की अपील। तख्तापलट के बाद हिंसाग्रस्त बांग्लादेशन में गठित होने वाली अंतरिम सरकार की कमान गुरूवार यानी 8 अगस्त को नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद युनुस संभाल लेंगे। वह गुरुवार को ही अपने मुल्क वापस लौट रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने और देश की पहिला महिला पीएम रहीं बेगम खालिदा जिया एक संदेश जारी कर बांग्लादेश में शांति की अपील की है। दोनों ही नेताओं ने हिंसा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
अस्पताल से खालिदा जिया ने जारी किया वीडियो संदेश, बोलीं – अब समृद्ध बांग्लादेश का निर्माण करना है
इस बीच बीएनपी पार्टी की मुखिया खालिदा जिया ने बुधवार को अस्पताल से ही वीडियो संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने तख्तापलट करने वाले छात्रों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने संग्राम किया उनको वह धन्यावाद देती हैं। उन्होंने कहा कि लंबे संग्राम के बाद फासीवादी और अवैध सरकार से मुक्ति मिली है। इस आंदोलन से ही असंभव से ही संभव हुआ है। इस विजय से नई संभावना का उद्भाव हुआ है। उन्होंने कहा कि अब एक समृद्ध बांग्लादेश का निर्माण करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों और युवाओं से शांति की अपील की।

मोहम्मद युनूस ने दिया संदेश – हिंसा हम सबकी दुश्मन है इसलिए शांति बरतें और अचल संपत्तियां नष्ट ना करें
देश की जनता के लिए जारी संदेश में मो. युनूस ने कहा कि मैं उन बहादुर छात्रों को बधाई देता हूं जिन्होंने हमारे दूसरे विजय दिवस को वास्तविकता बनाने में हमारा नेतृत्व किया और देश की विशाल जनता को बधाई देता हूं, जिन्होंने छात्रों के आंदोलन का पूरा समर्थन किया। आइए हम अपनी इस नई जीत का सर्वोत्तम उपयोग करें और आइए हम अपनी किसी गलती की वजह से यह जीत न गंवाएं। उन्होंने कहा कि मैं सभी से वर्तमान स्थिति में शांत रहने और सभी प्रकार की हिंसा और अचल संपत्ति के विनाश से दूर रहने की अपील करता हूं और सभी से छात्रों और गुटों की परवाह किए बिना शांत रहने का अनुरोध करता हूं। अब हमारा मुख्य कार्य संभावनाओं वाले इस खूबसूरत देश को अपनी और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना और आगे बढ़ाना है। हमारे युवा एक नई दुनिया बनाने के लिए तैयार हैं। हम हिंसा का सहारा लेकर इस अवसर को नहीं खो सकते। हिंसा हम सब की दुश्मन है। कृपया दुश्मन न बनाएं। सभी लोग शांत रहें और देश के पुनर्निर्माण के लिए आगे आएं।

बांग्लादेश में नया शासक चुने जाने के समय विदेशी धरती पर थे अर्थशास्त्री मोहम्मद युनूस
बता दें कि बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट और हिंसा के बीच नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद युनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनाने का फैसला लिया गया है और उन्होंने इसका प्रस्ताव स्वीकार भी कर लिया है। लेकिन तत्काल सत्ता संभालने के लिए मो. युनुस बांग्लादेश में नहीं थे। अब वह गुरुवार को देश लौटने के साथ ही वह अंतरिम सरकार की कमान संभाल लेंगे। इस बीचबीएनपी की नेता खालिदा जिया ने भी अस्पताल से संदेश जारी किया और देश में जारी हिंसा पर गंभीर चिंता जाहिर की है। अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में यूनुस का नाम सबसे पहले वैषम्यविरोधी छात्र आंदोलन के शीर्ष छात्र नेताओं द्वारा प्रस्तावित किया गया था जिन्होंने कोटा सुधार आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई थी। उसके बाद बैठक में फैसले पर मुहर लगायी गयी। बांग्लादेश के राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ने कहा कि सरकार के बाकी सदस्यों के नामों को अन्य राजनीतिक दलों के साथ चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। बता दें कि मोहम्मद युनूस ग्रामीण बैंक के संस्थापक हैं। उन्होंने चार दशकों से अधिक समय से बांग्लादेश के गरीब लोगों को बिना गारंटी के ऋण दिया है। इस बैंक की स्थापना के विचार के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिला और अब उनके नेतृत्व में बांग्लादेश में शांति लौटने की उम्मीद है।
अंतरिम सरकार बनाने आंदोलनकारी 13 छात्रों की अहम भूमिका
बता दें कि शेख हसीना ने सोमवार को भारी हिंसा के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर अपनी बहन रेहाना के साथ बांग्लादेश छोड़ दिया। वह फिलहाल दिल्ली में हैं। ऐसे में बांग्लादेश सोमवार से बिना सरकार के है। हसीना के इस्तीफे के बाद बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकार-उज-जमां ने घोषणा की कि अंतरिम सरकार बनेगी। गत मंगलवार को वैषम्यविरोधी छात्र आंदोलन के 13 सदस्यों के एक समूह ने सरकार की रूपरेखा तैयार करने के लिए बंगभवन में राष्ट्रपति मो. शाहबुद्दीन के साथ बैठक की थी। उसमें तीन सेना प्रमुख, ढाका विश्वविद्यालय के कानून और अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभागों के प्रोफेसर शामिल हुए थे। उस बैठक में सर्वसम्मति से मोहम्मद युनूस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाने का फैसला लिया गया।







