औरंगाबाद: बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर फल फूल रहा है। हालांकि पुलिस अवैध शराब पर नकेल कसने के लिए लगातार प्रयासरत है लेकिन इसमें सफलता नहीं के बराबर मिल रही है। पुलिस प्रशासन के लाख कोशिशों के बावजूद अवैध शराब कारोबारी कोई न कोई जरिया निकाल कर अवैध तरीके से शराब की तस्करी करते हैं और फिर बिहार में शराब का कारोबार करते हैं।
अब लोगों ने कहना शुरू कर दिया है कि शराबबंदी से पहले लोगों को शराब के लिए दुकान तक जाना पड़ता था लेकिन अब शराब की होम डिलीवरी होती है। वहीं दूसरी तरफ शराबबंदी के बाद सूखा नशा का कारोबार भी फलने फूलने लगा है। अब ग्रामीण इलाकों में भी ब्राउन शुगर, अफीम, हेरोइन और गांजा जैसे नशीले पदार्थ धरल्ले से उपयोग किया जाने लगा है।
नशा के विरोध और उसके दुष्परिणामों को लेकर लोगों में जगरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से औरंगाबाद दाउदनगर में सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोजपा(रा) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ प्रकाश चंद्रा ने जन जागरूकता मार्च निकाला। मार्च दाउदनगर के प्रखंड कार्यालय के समीप से निकल कर अनुमंडल कार्यालय तक पंहुचा। इस दौरान मार्च का नेतृत्व कर रहे लोजपा(रा) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ प्रकाश चंद्रा ने एसडीओ मनोज कुमार और एसडीपीओ कुमार ऋषिराज को बिहार के राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान डॉ प्रकाश चंद्रा ने कहा कि शराबबंदी के बाद से दाउदनगर अनुमंडल क्षेत्र समेत पूरे जिले में गांव गांव में अब प्रतिबंधित ब्राउन शुगर एवं अन्य प्रतिबंधित ड्रग्स का सेवन और कारोबार बढ़ गया है। पंद्रह से पच्चीस वर्ष के युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में बहुत तेजी से आ रहे हैं और अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं।
ये युवा अपने नशा के लिए छोटे मोटे अपराध करने से भी नहीं चूक रहे। अगर समय रहते नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गया तो युवा वर्ग अंधकार की तरफ चला जायेगा। वहीं एसडीओ और एसडीपीओ ने कहा कि शासन प्रशासन नशा के कारोबार को उखाड़ फेंकने के प्रति कृत संकल्पित है और नशा के कारोबार के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जाती है।
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औरंगाबाद से दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट
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