डिजीटल डेस्क : Himanta Biswa Sarma – झारखंड में बीजेपी आई तो NRC होगा, बांग्लादेशियों को धक्का मार-मार कर भगाएंगे। असम के मुख्यमंत्री और भाजपा के झारखंड चुनाव के सह प्रभारी Himanta Biswa Sarma ने शनिवार को कहा कि ‘भाजपा सरकार में आई तो झारखंड में NRC होगा। जिसका नाम NRC में नहीं आएगा, उनको हम बांग्लादेश तक धक्का मार-मार के भगाना पड़ेगा। यही हमारा नीति होगा’।
बोले Himanta – भारतीयता साबित न करने वाले को धक्का मारके भेजूंगा
Himanta Biswa Sarma ने आगे कहा कि – ‘पहले सब लोगों को NRC बनने के समय अपना पक्ष रखने का सुविधा मिलेगा। कानूनन सभी पूरा प्रासेस होगा। अंत में अगर आप अपने आप प्रूव नहीं करते हो कि आप भारतीय हो तब आपको कानून के रास्ते से ही हम धक्का मार-मारके बांग्लादेश भेज दूंगा।
झारखंड में जो बांग्लादेशी – रोहंगिया हैं, वो वोटर लिस्ट में कब से हैं ? वोटर लिस्ट में 2024 में आप हैं, 2021 में हैं लेकिन उसके पहले आपका नाम कहां था ? वही पूरा खेल है। हमलोग 2001 से वोटर लिस्ट की पूरी जांच करेंगे।
अगर कोई बता देता है कि 2021 से पहले उसका नाम बिहार, बंगाल या असम आदि में था तो ठीक है फिर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन अगर वह दिखा नहीं सकते तो प्रथम दृष्टि में आपके ऊपर संदेह जाएगा ही जाएगा। फिर आपको ट्रिब्यूनल के सामने प्रूव करना है कि भाई आप झारखंड आने के पहले कहां थे।
यह बहुत साइंटिफिक प्रासेस है। इसे सुप्रीम कोर्ट मुहर लगा चुका है। केवल वोटर लिस्ट में नए जो आए हैं, उन्हीं की जांच की जाएगी। जो झारखंड का आदिवासी है, मूलवासी है, उनको जज भी नहीं किया जाएगा’।

Himanta बोले – जेएमएम को घुसपैठियों की समस्या से भागना नहीं चाहिए
Himanta ने झारखंड में बांग्लादेशी –रोहंगिया के चलते बदली डेमोग्राफी की चर्चा करते हुए कहा कि – ‘मैं पाकुड़ में गया था। पहले वहां हिंदू विधायक होते थे। अभी हिंदू लोग चुनाव भी नहीं लड़ते, डरते हैं। आदिवासी लोग भी चुनाव नहीं लड़ते। पूछने पर कहते हैं कि संख्या परिवर्तन हो गया। अरे भाई कैसे परिवर्तन हो गया ? किसी को तो बताना होगा ना ?
ये ही हाईकोर्ट जेएमएम सरकार को पूछ रहा है। जेएमएम सरकार उत्तर नहीं दे रही। जेएमएम को घुसपैठियों की समस्या से भागना नहीं चाहिए। अगर आप घुसपैठियों की वोटों की लालच में राजनीति करेगा तो झारखंड के आदिवासी- मूलवासियों का कभी भी भला नहीं होगा।
झारखण्ड से घुसपैठियों को निकालने के लिए NRCआवश्यक है। जो अपनी नागरिकता का प्रमाण नहीं दे पाएंगे, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके देश वापस भेजा जाएगा। अचानक से वोटर लिस्ट में शामिल हुए लोगों की भी कुंडली एनआरसी के माध्यम से निकाली जाएगी’।

Himanta ने बताया – असम में एनआरसी में 14-15 लाख गैरभारतीय मिले
Himanta ने इसी मसले पर असम की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर कहा कि – ‘असम में हमारा एक चरण पूरा हो चुका है। 14 -15 लाख लोगों को पहले चरण में चिन्हित किया है जो भारतीय नागरिक नहीं हैं।
अभी हमने सुप्रीम कोर्ट और रिक्वेस्ट किया है कि हमको वह प्रक्रिया एक और बार करने दीजिए, सीमांत से और 20 फीसदी सैंपल से करने देने की अनुमति के लिए रिक्वेस्ट किया है। अगर सुप्रीम कोर्ट से हमें दूसरा रिवीजन की अनुमति मिल जाती है तो वह संख्या और बढ़ेगी’।
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