झारखंड में मेधा डेयरी ने दूध, दही और पनीर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें शनिवार शाम से लागू होंगी। कई उत्पादों के दाम 2 से 20 रुपये तक बढ़े।
Megha Dairy Price Hike रांची: Megha Dairy ने भी अपने डेयरी उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। Mother Dairy और Amul के बाद अब मेधा डेयरी ने दूध, दही और पनीर के नए दाम जारी किए हैं। नई कीमतें शनिवार शाम से लागू होंगी।
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है। खासकर रोजाना दूध और डेयरी उत्पादों का उपयोग करने वाले परिवारों की रसोई का बजट प्रभावित होगा।
Megha Dairy Price Hike: दूध की कीमतों में 1 से 2 रुपये तक की बढ़ोतरी
मेधा डेयरी द्वारा जारी नई दरों के अनुसार कई प्रकार के दूध की कीमतों में वृद्धि की गई है।
- एक लीटर डबल टोंड मिल्क: 50 से बढ़कर 52 रुपये
- आधा लीटर डबल टोंड मिल्क: 25 से बढ़कर 26 रुपये
- छह लीटर टोंड मिल्क: 312 से बढ़कर 324 रुपये
- एक लीटर टोंड मिल्क: 54 से बढ़कर 56 रुपये
- आधा लीटर टोंड मिल्क: 27 से बढ़कर 28 रुपये
Megha Dairy Price Hike: इसके अलावा काउ मिल्क और शक्ति दूध की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।
- आधा लीटर काउ मिल्क: 28 से बढ़कर 29 रुपये
- एक लीटर शक्ति दूध: 60 से बढ़कर 62 रुपये
- आधा लीटर शक्ति दूध: 30 से बढ़कर 31 रुपये
- एक लीटर शक्ति स्पेशल: 60 से बढ़कर 62 रुपये
- आधा लीटर शक्ति स्पेशल: 31 से बढ़कर 32 रुपये
Key Highlights
मेधा डेयरी ने बढ़ाए दूध, दही और पनीर के दाम
नई कीमतें शनिवार शाम से लागू होंगी
दूध के दाम में 1 से 2 रुपये तक की बढ़ोतरी
200 ग्राम पनीर अब 90 रुपये में मिलेगा
दही और पनीर की कीमतों में भी इजाफा
Megha Dairy Price Hike: पनीर और दही भी हुए महंगे
मेधा डेयरी ने पनीर और दही की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। पनीर की कीमत में 5 से 20 रुपये तक का इजाफा किया गया है।
- एक किलो ब्लॉक पनीर: 400 से बढ़कर 420 रुपये
- 500 ग्राम पनीर: 205 से बढ़कर 215 रुपये
- 200 ग्राम पनीर: 85 से बढ़कर 90 रुपये
वहीं 200 ग्राम पाउच दही की कीमत 18 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये कर दी गई है।
Megha Dairy Price Hike: उपभोक्ताओं की जेब पर बढ़ेगा असर
लगातार डेयरी उत्पादों की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। इससे पहले अमूल और मदर डेयरी भी दूध की कीमतों में इजाफा कर चुके हैं। अब मेधा डेयरी के दाम बढ़ने से झारखंड के लाखों उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन लागत, पशु आहार और परिवहन खर्च बढ़ने के कारण डेयरी कंपनियां लगातार कीमतों में संशोधन कर रही हैं।
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