Ranchi Desk : संबलपुर स्थित गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में भारतीय शिक्षण मण्डल, केंद्रीय विश्वविद्यालय ओडिशा और जीएम विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय सांस्कृतिक एकीकरण और वीरांगना अहिल्याबाई होलकर विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आरंभिक वक्तव्य भारतीय शिक्षण मंडल के ब्रज प्रांत की अध्यक्ष डॉ. पूनम सिंह में कहा, वीरांगना अहिल्याबाई होलकर ने मंदिरों का जीर्णोद्धार, घाटो का निर्माण सहित भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य किया। अहिल्याबाई ने अपना संपूर्ण जीवन सांस्कृतिक उत्थान में समर्पित कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाहक डॉ. कृष्ण गोपाल उपस्थित थे उन्होंने कहा, अहिल्याबाई होलकर एक कुशल प्रशासक थी। इंदौर को पूरे विश्वपटल पर स्थापित करने के साथ साथ पूरे देश की संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने का कार्य किया। अहिल्याबाई के मन मस्तिष्क में हमेशा भारत देश बसा रहा। सच्चे अर्थों में राष्ट्र कैसा होता है उसकी छवि हम अहिल्याबाई होलकर में देखते हैं।
अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि हम सबको वीरांगना अहिल्याबाई होलकर से प्रेरणा लेनी चाहिए तथा यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अहिल्याबाई द्वारा बताये गये मार्ग पर चलें।
संगोष्ठी के द्वितीय सत्र में सम्मानित अतिथि के तौर पर ओडिशा राज्य मुक्त विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. एस एस पटनायक उपस्थित थे वहीं जीएम विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. एन. बी. नागाराजु ने सत्र की अध्यक्षता की।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ रमेंद्र कुमार पाढ़ी ने दिया।
कार्यक्रम में भारतीय शिक्षण मंडल के विस्तारक डॉ. उमेश कुमार, प्रो. राम नरेश महालिंग, श्री सागर सिंह, केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड से डॉ. अमृत, मौलाना मझरूल हक़ विश्वविद्यालय पटना से डॉ. रणजीत कुमार, ओडिशा केंद्रित विश्वविद्यालय से डॉ. मनोज, डॉ. श्रीकान्त, डॉ. जगरनाथ पाढीं, युवा आयाम के डॉ. जसविंदर, रंकमणी बारिक, प्रांत मंत्री भारतीय शिक्षण मंडल, ओड़िशा पश्चिम प्रांत सहित भारतीय शिक्षण मण्डल के कार्यकर्ता एवं गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित हुए।


















