रांची : झारखंड में 7 लाख से अधिक की संख्या में रजिस्टर्ड बेरोजगार युवक दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं। दूसरी तरफ हेमंत सोरेन की सरकार ने साल 2021 को नियुक्ति का वर्ष घोषित किया है।
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार आने के बाद बेरोजगार युवाओं को रोजगार की उम्मीद जगी। सरकार ने युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का भी एलान किया। लिहाजा बड़ी संख्या में राज्यभर के एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज में बेरोजगार युवाओं ने निबंधन कराया। हालांकि, आज तक ना तो बेरोजगारी भत्ता बेरोजगारों मिल सकी ना ही विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो सकी। ऐसे में युवाओं में हताशा और निराशा चरम पर है।
श्रम नियोजन विभाग के अधीन संचालित नियोजनालयो में केवल बेरोजगार युवकों का निबंधन हो रहा है। नियुक्तियों को लेकर नियोजनालय से कोई खास सहयोग नहीं मिल पाता है। हालांकि, अवर प्रादेशिक नियोजनालय के सहायक निदेशक पीके मिश्रा कहते हैं कि, बेरोजगार युवाओं का रजिस्ट्रेशन कराना बेहद जरूरी है. निबंधन के बाद अगर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होती है तो युवाओं को मौका मिलेगा।
एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज में रजिस्ट्रेशन कराने वाले युवक सरकार से बहुत उम्मीद नहीं रखते हैं. हालांकि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वे नियोजनालय में अपना निबंधन करा रहे हैं।




