UPPSC Aspirants Protest : प्रयागराज में प्रदर्शनकारी परीक्षार्थियों का नारा – जुड़ेंगे और जीतेंगे भी

डिजीटल डेस्क : UPPSC Aspirants Protestप्रयागराज में प्रदर्शनकारी परीक्षार्थियों का नारा – जुड़ेंगे और जीतेंगे भी। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अभ्यर्थियों का उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन बुधवार को भी जारी है।

अभ्यर्थियों की मांग है कि पीसीएस और आरओ/एआरओ परीक्षाएं एक दिन और एक शिफ्ट में आयोजित की जाएं। सियासी लिहाज से बुधवार को प्रदर्शनकारियों को बीच सपा की ओर प्रचारित नारा भी गुंजायमान होता हुआ सुनाई पड़ा है।

ड्रम और नगाड़ों के शोर में यह नारा खूब गूंज रहा है कि – जुड़ेंगे और जीतेंगे भी। अभ्यर्थियों ने नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ आयोग पर तंज कसते हुए पोस्टर के जरिये पदों की रेट लिस्ट भी जारी की।

तीसरे दिन प्रदर्शनकारी परीक्षार्थियों ने मनाया काला दिवस

प्रयागराज में आयोग कैंपस के बाहर आंदोलनरत प्रतियोगी परीक्षार्थी बुधवार को काला दिवस मना रहे हैं। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह ने बताया कि प्रतियोगी छात्र-छात्राएं बुधवार 13 नवंबर को काला कपड़ा पहनकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। साथ ही अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट को भी काले रंगे में प्रदर्शित कर दिया है।

बुधवार को धरना स्थल पर सुबह 11 बजे तक फिर से हजारों की संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे। अभ्यर्थियों का अलग-अलग जत्था अपने-अपने अंदाज में पहुंचा। कोई ढोल नगाड़ों के साथ नाचते-गाते पहुंचा तो किसी सांकेतिक रूप से शवयात्रा लेकर पहुंचा। आयोग कैंपस के सामने ढोल और नगाड़ों का शोर जारी है और अभ्यर्थियों का कहना है कि न तो सोएंगे और न ही सोने देंगे।

कई अभ्यर्थियों के हाथ में पोस्टर नजर आए, जिस पर लिखा था, ‘पहले आओ पहले पाओ। यदि नॉर्मलाइजेशन लागू है तो रेट लिस्ट- एसडीएम 70 लाख, डिप्टी एसपी 65 लाख, एआरटीओ 60 लाख, बीएसए 55 लाख, पीसीएस जे 70 लाख। यूपीआई व ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार।’

इसी तरह आयोग के गेट नंबर-2 के सामने सड़क पर लिखा गया, ‘हम छात्रों की एक ही इच्छा, एक पाली में हो परीक्षा’।

यूपी के प्रयागराज में लोकसेवा आयोग कैंपस के बाहर जारी परीक्षार्थियों का प्रदर्शन।
यूपी के प्रयागराज में लोकसेवा आयोग कैंपस के बाहर जारी परीक्षार्थियों का प्रदर्शन।

UPPSC के इतिहास में पहली बार एक साथ दो परीक्षाओं के लिए आंदोलन…

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के इतिहास में पहली बार एक साथ दो परीक्षाओं के लिए आंदोलन हो रहा है। अभ्यर्थियों ने पीसीएस व आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा दो दिन कराने और नॉर्मलाइजेशन लागू करने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

22 व 23 दिसंबर को प्रस्तावित आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 से जहां 1076004 अभ्यर्थी जुड़े हैं, वहीं 7 व 8 दिसंबर को प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 के लिए 576154 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। इनमें कई ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने दोनों परीक्षा के लिए आवेदन किए हैं।

इन दोनों परीक्षाओं के अभ्यर्थी अब एकजुट हो चुके हैं, क्योंकि कोई अभ्यर्थी नहीं चाहता कि परीक्षा दो दिन कराई जाए और नॉर्मलाइजेशन लागू हो। यही वजह है कि आयोग पर इकट्ठा अभ्यर्थियों के संख्या बल के आगे फोर्स को भी पीछे हटना पड़ा है।

अभ्यर्थियों को यह आशंका है कि एक बार नॉर्मलाइजेशन लागू हो गया तो यह स्केलिंग प्रणाली की तरह अभ्यर्थियों के लिए नासूर बन जाएगा और इसकी आड़ में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। आंदोलन में अन्य परीक्षाओं के अभ्यर्थी भी शामिल हैं, क्योंकि किसी भी परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या 5 लाख से अधिक होने पर नाॅर्मलाइजेशन लागू करने की स्थिति आ जाएगी।

पीसीएस परीक्षा में तो दिल्ली, एमपी, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों से भी आंदोलन में शामिल होने के लिए छात्र यहां पहुंचे हैं। इसी वजह से आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया है और पहली आयोग के इतिहास में पहली बार एक साथ एक से अधिक परीक्षाओं को लेकर आंदोलन हुआ है।

यूपी के प्रयागराज में लोकसेवा आयोग कैंपस के बाहर जारी परीक्षार्थियों का प्रदर्शन।
यूपी के प्रयागराज में लोकसेवा आयोग कैंपस के बाहर जारी परीक्षार्थियों का प्रदर्शन।

चर्चा का विषय – प्रदर्शनकारियों को कौन मुहैया करा रहा भोजन के पैकेट, पैकेट पानी की बोतल और गर्म कंबल…

प्रयागराज में लोकसेवा आयोग के बाहर तीसरे दिन बुधवार को भी जारी प्रतियोगी परीक्षार्थियों के आंदोलन के बीच लोगों में एक चर्चा लोगों के बीच तेजी से फैली है। वह चर्चा प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को आंदोलनस्थल पर मिल रही तमाम तरह की मदद को लेकर है।

आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राम नाम सत्य का नारा लगाते हुए छात्रों ने जमकर हंगामा भी काट रहे हैं। पूरे प्रदर्शन स्थल में छात्रों के आंदोलन में हर 2 घंटे में हजारों की संख्या में भोजन के पैकेट और पानी की बोतलों की खेप पहुंच रही है। इस मदद से प्रदर्शनकारी परीक्षार्थियों ने भूख मिटाई और प्यास भी बुझाई।

बीते दो दिनों के आंदोलन के दौरान भी रात में खाना खाने के समय अंधेरा होते ही जगह जगह पैक्ड खाने के पैकेट में बांटे गए। प्रदर्शन कर रहे परीक्षार्थियों को इतनी बड़ी संख्या में पैकेट और बोतलें कहां से भेजी जा रही हैं, यह चर्चा प्रदर्शन स्थल में खूब हो रही है। आंदोलन को पीछे से मदद दे रहे कई संस्थान और सियासी दलों से जुड़े लोगों के नाम की चर्चा भी खूब हो रही है।

यही नहीं, रात में इन प्रदर्शन करने वालों के लिए कंबल कहां से आए, इस पर भी तमाम प्रकार की बातें लोगों के बीच चर्चा का विषय हैं। कहा जा रहा है कि सोशल मीडिया में भी इसके लिए बाकायदा अभियान चलाया गया जो बताता है कि पूरी तरह से सुनियोजित होकर यह प्रदर्शन चल रहा है।

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