लालू का Dream Project था चरवाहा विद्यालय, पढ़िए अब क्या है इसका हाल…

मंजेश कुमार

Dream Project

दिल्ली: लालू यादव बिहार ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर के एक नेता के रूप में जाने जाते हैं। लालू यादव जब बिहार के मुख्यमंत्री बने थे तो उसके बाद उन्होंने अपने कई फैसले से लोगों को चौंका दिया था। लालू यादव के फैसले बिहार ही नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बन जाता था। उनके फैसलों में एक ऐसा ही फैसला था राज्य में चरवाहा विद्यालय की स्थापना। लालू यादव ने जब चरवाहा विद्यालय खोलने की बात कही थी तो उनके ऊपर एक तरफ जहां लोग खूब हंसे थे तो दूसरी तरफ कई देशों की टीम उस पर रिसर्च करने भी बिहार पहुंची थी।

लालू यादव मुख्यमंत्री के पद पर बैठते ही सबसे पहले दलित, महादलित, पिछड़े और अतिपिछड़े लोगों के उत्थान के लिए काम करना शुरू किया था। इसी कड़ी में उन्होंने राज्य में चरवाहा विद्यालय की स्थापना की थी। हालांकि उनका यह ड्रीम प्रोजेक्ट उनके कार्यकाल में उनका यह ड्रीम प्रोजेक्ट फेल भी होने लगा था। इसका कारण था कि चरवाहा विद्यालय चलाने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के साथ ही कृषि, सिंचाई, उद्योग, पशुपालन और ग्रामीण विकास विभाग को दी गई थी।

चरवाहा विद्यालय शुरू होने के बाद एक तरफ यूनिसेफ ने सराहा था तो दूसरी तरफ अमेरिका और जापान की टीम इस पर अध्ययन करने भी पहुंची थी। चरवाहा विद्यालय वैसे बच्चों को ध्यान में रख कर खोला गया था जो गरीब थे और पांच वर्ष से 15 वर्ष उम्र के थे साथ ही वे गरीबी की वजह से स्कूल नहीं जा कर मवेशी चराने जाते थे।

1991 में खुला था पहला चरवाहा विद्यालय

लालू यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत राज्य में सबसे पहला चरवाहा विद्यालय मुजफ्फरपुर के तुर्की में खोला गया था। यह विद्यालय 25 एकड़ भूमि में खोला गया था जिसकी शुरुआत 23 दिसंबर 1991 से की गई जबकि इसका औपचारिक उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव ने 15 जनवरी 1992 को किया था। वहीं दूसरा चरवाहा विद्यालय रांची के झिरी में खोला गया था। इस विद्यालय में शिक्षक और इंस्ट्रक्टर की 15 सदस्यों की टीम को तैनात किया गया था। इस दौरान छात्रों को पोशाक, मुफ्त किताब. मध्याह्न भोजन के साथ ही स्टाईपेंड के रूप में 9 रूपये प्रतिदिन दिया जाता था जबकि छात्रों को प्रतिदिन एक रूपये के हिसाब से भी रुपया दिया जाता था।

 

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विद्यालय में थी पढाई और मवेशी चराने की व्यवस्था

लालू के कार्यकाल में बिहार झारखंड (उस समय संयुक्त बिहार) में कुल 354 चरवाहा विद्यालय खोला गया था। इस विद्यालय की खासियत थी कि यहां मैदान में मवेशी के चरने का जगह था। छात्र अपनी मवेशी के साथ आते थे और परिसर में मवेशी को चरने के लिए छोड़ कर पढाई करते थे। पढाई खत्म होने के बाद छात्र मवेशी और उसका चारा लेकर अपने अपने घर जाते थे।

सत्ता परिवर्तन के साथ ही चरवाहा विद्यालय का अस्तित्व खत्म

जानकारी के अनुसार चरवाहा विद्यालय का अस्तित्व लालू यादव के कार्यकाल से ही खत्म भी होने लगा था जो कि 2005 में सत्ता परिवर्तन के साथ बिल्कुल ही खत्म हो गया। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया था कि 1991 में चरवाहा विद्यालय खुला और 1994 में जब शिक्षा विभाग की टीम कुछ विद्यालयों के सर्वे के लिए गई तो वहां विद्यालय का स्वरूप खत्म हो गया था। चरवाहा विद्यालय जुआरी और शराबियों का अड्डा बनने लगा था।

अधिकतम चरवाहा विद्यालयों में खुलने के कुछ दिन बाद ही शिक्षकों ने आना बंद कर दिया था और फिर धीरे धीरे छात्रों ने भी आना बंद कर दिया था। फिर 2005 में नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद चरवाहा विद्यालय को लेकर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं हुई। हालांकि सरकार ने चरवाहा विद्यालय को लेकर कोई औपचारिक निर्णय भी नहीं लिया।

विभागों के बीच आपसी समन्वय की कमी से बंद हुआ

चरवाहा विद्यालय के संचालन के लिए राज्य के छः विभागों को जिम्मा दिया गया था। यह छः विभाग थे शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, सिंचाई विभाग, उद्योग विभाग, पशुपालन और ग्रामीण विकास विभाग। कहा जाता है कि चरवाहा विद्यालय के संचालन में इन छः विभागों के बीच आपसी समन्वय नहीं बन पा रहा था। यह भी एक अहम कारण रहा कि चरवाहा विद्यालय खुलने के साथ ही बंद हो गये।

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पहलवान विश्वविद्यालय खोलने की भी थी योजना

लालू यादव के द्वारा चरवाहा विद्यालय खोलने के बाद उसकी बढती लोकप्रियता के बाद लालू यादव ने पहलवान विश्वविद्यालय खोलने की बात भी करने लगे थे। लालू यादव के एक करीबी ने कहा कि जब चरवाहा विद्यालय की प्रशंसा होने लगी तब लालू यादव ने कहा था कि अब पहलवान विश्वविद्यालय खोलेंगे जहां पढाई के साथ कुस्ती भी होगा।

क्या हुआ चरवाहा विद्यालय का

लालू यादव के कार्यकाल में खुले चरवाहा विद्यालय तो बंद हो गए लेकिन अब सवाल उठता है कि उन जगहों का क्या हुआ। तो एक रिपोर्ट के अनुसार बिहार और झारखंड दोनों ही राज्यों में चरवाहा विद्यालय की जगह पर कहीं इंजीनियरिंग कॉलेज बनाया जा रहा हा तो कहीं राज्य सरकार की योजना के अनुसार कुछ और। लालू यादव के तत्कालीन विधानसभा राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के चकसिंकंदर में चरवाहा विद्यालय को अब इंजिनियरिंग कॉलेज में बदल दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस परिसर में इंजीनियरिंग कॉलेज बनवाया और उसका उद्घाटन भी किया।

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