Danapur-दानापुर अधिवक्ता संघ 7 दिनों से न्यायिक कार्य से अलग होकर अपना विरोध प्रकट कर रहे है. अधिवक्ताओं की मांग रिक्त न्यायिक पदों पर पदस्थापन करने और उत्पाद एवं मद्वनिषेध अधिनियम, परक्राम्य लिखित अधिनियम 1881, पॉस्को अधिनियम, विद्युत अधिनियम, हरिजन अत्याचार निवारण अधिनियम के मामले को केन्द्रीकृत कर पटना, व्यवहार न्यायालय में स्थानांतरित किए जाने के विरोध में है.
अधिवक्ताओं का कहना है कि यह आदेश आम जनता को सस्ता, सरल और सुलभ न्याय देने की अवधारणा के विपरित है. खुद सरकार की कोशिश स्थानीय तौर पर त्वरित न्याय प्रदान करने की है. अनुमंडल स्तर पर विभिन्न न्यायालयों का गठन कर नागरिकों को न्याय दिलवाने की है. बावजूद इसके इन मामलों को एकाएक केन्द्रीयकृत कर पटना, व्यवहार न्यायालय स्थानान्तरित कर सुनवाई का आदेश दे दिया गया. दानापुर अधिवक्ता संघ अपनी मांगो को लेकर एक दिवसीय धरना पर बैठ अपना विरोध प्रदर्शन करेगा.
रिपोर्ट – पंकज राज

