रांची: झारखंड में कड़ाके की ठंड का असर आम जनजीवन पर साफ दिख रहा है। पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं ने राज्य में ठंड की स्थिति और भी गंभीर कर दी है। इस बीच, एचइसी के एचएमटीपी में तैनात सिक्यूरिटी गार्ड बुधवा लोहरा (42) की ठंड लगने से मौत हो गई। वह नाइट ड्यूटी पर थे और सुबह उन्होंने परिजनों को तबीयत खराब होने की जानकारी दी। परिजन उन्हें सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि उनकी मौत ठंड से हुई है। बुधवा लोहरा अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं।
राज्य के अधिकांश जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है, जिससे लोग परेशान हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक-दो दिनों में ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। 17 जनवरी तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है।
शनिवार को सबसे कम विजिबिलिटी बोकारो में रही, जहां विजिबिलिटी केवल 800 मीटर थी। राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान लगातार दूसरे दिन 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। गुमला में सबसे अधिक ठंड महसूस की गई, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं चतरा और गढ़वा का तापमान क्रमशः 4 और 5 डिग्री सेल्सियस रहा। संताल परगना के कुछ जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से अधिक था।
राज्य के अधिकतम तापमान 18 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। हजारीबाग में 18 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे कम अधिकतम तापमान रहा, जबकि अन्य जिलों का तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच था। यह तापमान सामान्य से 1 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक था।


















