रांची: झारखंड के बिजली बोर्ड और पर्यटन निगम के सरकारी खातों से 107 करोड़ रुपये की हेराफेरी मामले की जांच कर रही सीआइडी की एसआइटी ने दो अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया है। एसआइटी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बिरसा चौक शाखा के पूर्व शाखा प्रबंधक लोलस लकड़ा की निशानदेही पर उनके सहयोगी लाखन यादव से 60 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। लाखन यादव को 20 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में अब तक सात आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एसआइटी ने कुल 47.96 करोड़ रुपये के लेन-देन को फ्रीज किया है। साथ ही 1.83 करोड़ रुपये की नकदी और 16.7 लाख रुपये के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। एसआइटी की टीम ने आरोपितों से जानकारी प्राप्त कर विभिन्न बैंकों में 76 लाख 38 हजार रुपये को फ्रीज किया है।
इस मामले में सीआइडी ने पहले चार अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें आरोप था कि झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज मास्टर ट्रस्ट के वित्त और लेखा विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक ने शिकायत की थी कि अपराधियों ने फर्जी खातों के माध्यम से 56.5 करोड़ रुपये की निकासी की थी।
आगे की जांच में एसआइटी ने अन्य संदिग्ध व्यक्तियों और उनकी संपत्तियों का भी पता लगाने का काम शुरू कर दिया है।







