पटना : पिछले सप्ताह ग्रामीण क्षेत्रों में सहयोग शिविर की शुरुआत करने के बाद अब इसे सभी नगर निकाय क्षेत्रों में भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसी निर्णय के अनुपालन में बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किये हैं। इस निर्देश में कहा गया है कि ग्राम पंचायतों के तर्ज पर नगर निकाय क्षेत्रों में भी महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में जनता की शिकायत संबंधी आवेदन शिविर लगने के 30 दिन पहले से प्राप्त किया जाएगा – मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत
मुख्य सचिव ने सोमवार को जारी पत्र में कहा है कि शहरी क्षेत्रों में जनता की शिकायत संबंधी आवेदन शिविर लगने के 30 दिन पहले से प्राप्त किया जाएगा। सहयोग शिविर का आयोजन संबंधित निकाय की ओर से अपने निकाय क्षेत्र के वार्डों में किया जाएगा। जिला पदाधिकारी एवं नगर आयुक्त/ कार्यपालक पदाधिकारी वार्डों में नगर सहयोग शिविर के लिए तिथि एवं स्थान तीन दिन के भीतर निर्धारित करेंगे। साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे ताकि शिविर में अधिक से अधिक संख्या में लोग अपनी समस्या लेकर पहुंच सकें।
मुख्य सचिव ने आगे यह भी कहा- शिविर का आयोजन वार्ड के किसी सरकारी भवन में किया होगा
मुख्य सचिव ने आगे यह भी कहा है कि शिविर का आयोजन वार्ड के किसी सरकारी भवन में किया होगा। सरकारी भवन की अनुपलब्धता रहने पर किसी अस्थायी एवं मजबूत संरचना की व्यवस्था की जाएगी जहां गर्मी को देखते हुए पंखा एवं पीने के लिए पानी आदि सुविधाएं होंगी। उन्होंने कहा है कि शिविर में पहुंचने वाले लोगों के ससम्मान बैठने की सुविधा सुनिश्चित की जाय। श्री अमृत ने कहा है कि सहयोग शिविर की अध्यक्षता प्रासंगिक पत्रों में उल्लेखित पदाधिकारियों के अतिरिक्त नगर आयुक्त, प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी, सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी भी कर सकते हैं।
सहयोग शिविर में प्राप्त जन शिकायत सहयोग पोर्टल पर अपलोड होंगे
सहयोग शिविर में प्राप्त जन शिकायत सहयोग पोर्टल पर अपलोड होंगे। साथ ही इनका निस्तारण भी निर्धारित समय के भीतर किया जाएगा। आवेदन की प्राप्ति, अग्रसारण, निस्तारण के साथ ही कारण पृच्छा प्राप्त करने आदि की कार्रवाई सहयोग पोर्टल से होगी। मुख्य सचिव ने जारी निर्देशों में कहा है कि प्रत्येक पदाधिकारी अपने लॉगीन से सहयोग पोर्टल पर उपलब्ध आवेदनों की प्रतिदिन निगरानी करेंगे। प्रत्येक सहयोग शिविर में संबंधित क्षेत्र के सांसद, विधायक, महापौर, उप महापौर, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, वार्ड पार्षद एवं कार्यान्वयन समिति के सदस्य को आमंत्रित किया जाएगा।
पिछले मंगलवार से हुई है सहयोग शिविर की शुरुआत
ग्रामीण क्षेत्र के रहवासियों की राशन, पेंशन, आवास, मनरेगा, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजना से संबंधित समस्या/शिकायत और सुझाव के लिए पिछले सप्ताह के मंगलवार से सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सरकार के निर्देशों के अनुसार ग्राम पंचायतों में प्रत्येक महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को यह शिविर लगाया जाना तय है। शिविर में आवेदन प्राप्त करने की सुविधा 30 दिन पहले से दी गई है। साथ ही लोगों की समस्या समाधान 30 दिन के भीतर करने के भी निर्देश जारी हैं। शिकायतों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर पर की गई है। यहां तैनात पदाधिकारी सहयोग पोर्टल पर प्राप्त होने वाले आवेदनों की नियमित समीक्षा के साथ-साथ आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं।
यह भी पढ़े : पूर्वी चंपारण के 3 पंचायतों में लगे ‘सहयोग शिविर’ में ऑनस्पॉट निपटाए गए 97 प्रतिशत शिकायतें
Highlights







