झारखंड: विधानसभा शीतकालीन सत्र को लेकर विधानसभा में कार्यमंत्रणा बैठक हुई. विधानसभा अध्यक्ष रबिन्द्रनाथ महतो की अध्यक्षता में हुई बैठक में जेवीएम विधायक प्रदीप यादव, आरजेडी विधायक व श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक विनोद सिंह और एनसीपी विधायक कमलेश सिंह शामिल हुए. इस बैठक में बीजेपी, आजसू के प्रतिनिधी सहित निर्दलीय विधायक सरयू राय शामिल नहीं हुए.
विधानसभा सदस्यों के साथ बैठक के बाद अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग की गयी. इस बैठक में सुखदेव सिंह, डीजीपी नीरज सिन्हा सहित कई विभागों के सचिव शामिल रहे.
विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर कार्यमंत्रणा की बैठक में संसदीय कार्यमंत्री व कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, आजसू सुप्रीमो व विधायक सुदेश महतो, विधायक सरयू राय मौजूद नहीं दिखे.
बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरने ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने कार्य मंत्रणा बैठक बुलायी थी. जिसमें शेड्यूल के अनुरूप चर्चा हुई. सदन के अंदर होने वाली कार्यवाही पर विचार किया गया. सदन में पक्ष और विपक्ष के जो भी प्रश्न होंगे, उन प्रश्नों का उनके अनुरूप जवाब दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल बाधित रहने पर विपक्ष से भी सवाल होने चाहिए कि सदन क्यों बाधित होता है?
एनसीपी विधायक कमलेश सिंह ने कहा कि जनहित के लिए सत्र का चलना जरूरी है, सभी सदस्यों से उम्मीद है कि उनके क्षेत्र की समस्या का समाधान मिलेगा. उम्मीद है कि सत्र सही रूप से चले, हमने बैठक में अपनी बात को रखा, अधिकारी सही रूप से सदस्यों के सवालों का जवाब दें, बैठक में सभी को आना चाहिए क्योंकि राज्य का विकास जरूरी है.
आरजेडी विधायक व मंत्री सत्यानन्द भोक्ता ने कहा कि यह सत्र एक सप्ताह का छोटा सत्र है, सत्ता पक्ष के सदस्य हों या विपक्ष के सदस्य हों. अपने क्षेत्र की जनता के प्रति जिम्मेदार हैं. जो भी जनमुद्दा है उसे सदन में उठाना चाहिए. सरकार के तरफ से सदस्यों के सवालों का जवाब भी दिया जाएगा. बीजेपी के सदस्यों का बैठक में शामिल न होने पर उन्होंने तंज कसा, उन्होंने कहा कि सभी बीजेपी नेता यूपी चुनाव में व्यस्त हैं. अभी मंदिरों में झाड़ लगा रहे हैं. उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन के मामले पर चुप्पी साध ली.
झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबिन्द्र नाथ महतो ने कहा कि सत्र के सफल संचालन के लिए हम सबों ने तैयारी पूरी कर ली है. आज सारे दल के नेताओं के साथ शीतकालीन सत्र को लेकर बैठक हुई. उन्होंने कहा कि सही समय पर सदस्यों को विधेयक की प्रति उपलब्ध करायी जाएगी.
ताकि सदस्य उसका अध्ययन कर ससमय अपना विचार रख सकें. अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि सदस्यों के सवालों का सही रूप से जवाब दें. पहले के पैटर्न पर ही सिर्फ जवाब देकर खानापूर्ति नहीं की जाए. सभी सदस्यों से मेरा आग्रह होगा कि सभी सदस्य सदन में मौजूद हों और जनता से जुड़े सवाल को सदन में उठने दें, प्रश्नकाल सही रूप चलने दें. सत्र के दौरान सदस्यों के लंबित सवालों का भी जवाब दिया जाएगा.
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से 22 दिसंबर तक चलेगा.
रिपोर्ट- मदन


