नई दिल्ली : आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने ‘चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी’ के अध्यक्ष का पदभार संभाला लिया है. इसकी जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी. हेलिकॉप्टर क्रैश में देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद फिर से पुरानी व्यवस्था अस्थायी रूप से शुरू हो गई है. सीडीएस का पद आने से पहले देश में चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी हुआ करती थी. जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद क्योंकि सीडीएस का पद खाली हो गया है, इसलिए आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे को चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है.
भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर हादसे में आठ दिसंबर को प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद से यह पद खाली था. सूत्रों ने बताया कि तीनों सेनाओं के प्रमुखों में से जनरल नरवणे के सबसे वरिष्ठ होने के चलते उन्हें कमेटी के अध्यक्ष का पदभार सौंपा गया है. सीडीएस पद के गठन से पहले आमतौर पर तीनों सेनाओं के प्रमुखों में से सबसे वरिष्ठ को ‘चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी’ के अध्यक्ष का पदभार सौंपा जाता था.
सीडीएस का पद आने से पहले चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी ही तीनों सेनाओं के बीच कॉर्डिनेशन का काम करती थी. इस कमेटी में तीनों सेना के प्रमुख शामिल होते हैं. क्योंकि जनरल एमएम नरवणे सबसे वरिष्ठ हैं, इसलिए उन्हें इस कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है.
सूत्रों ने बताया कि जब तक नए सीडीएस की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक यही व्यवस्था रहेगी. एक अधिकारी ने बताया कि सीडीएस की गैर मौजूदगी में वरिष्ठ प्रमुख चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन का पदभार ग्रहण करते हैं. चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ जो सीडीएस को रिपोर्ट करते थे, अब जनरल एमएम नरवणे को रिपोर्ट करेंगे.







