रांची: रांची के ठाकुरगांव उरगुट्टू निवासी होटल व्यवसायी रणविजय नाथ शाहदेव के अपहरण के मामले में पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है। हालांकि, अब तक की जांच में अपहरण की स्पष्ट पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस इस बात की तहकीकात कर रही है कि आखिर व्यवसायी रांची से धनबाद कैसे पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में व्यवसायी को राजभवन तक आराम से जाते हुए देखा गया है। इसके अलावा, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन वहां व्यवसायी के होने का कोई प्रमाण नहीं मिला। पुलिस टोल टैक्स के कैमरों की भी जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि व्यवसायी धनबाद पहुंचे तो किस रास्ते से।
13 फरवरी को रणविजय नाथ शाहदेव अपने घर से पिठोरिया जाने के लिए निकले थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। परिवार को चिंता हुई और ठाकुरगांव थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई। इसी बीच 14 फरवरी को धनबाद रेलवे स्टेशन से जीआरपीएफ ने व्यवसायी को बरामद किया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की टीम अब शहर से बाहर जाने वाले विभिन्न मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि व्यवसायी खुद धनबाद पहुंचे या किसी ने उन्हें वहां पहुंचाया। अगर यह अपहरण का मामला है, तो अपराधियों ने उन्हें किस रास्ते से ले जाया, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
अब तक की जांच में व्यवसायी के अपहरण की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस के पास ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह स्पष्ट हो सके कि उन्हें जबरन धनबाद ले जाया गया था। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और यह मामला अभी भी रहस्य बना हुआ है।


