Nawada- मुसहर सेवा संघ, दशरथ मांझी जागृति मंच, अखिल भारतीय रविदास संघ, अखिल भारतीय पासी महासंघ, भीम आर्मी और अन्य दलित संगठनों की ओर से स्टेशन रोड में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का जीभ काटने पर 11 लाख की इनाम की राशि घोषित करने वाले पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गजेन्द्र झा का पुतला दहन कर प्रतिरोध मार्च निकाला गया.
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भीमराव अंबेडकर के बाद हमारे दूसरे सबसे बड़ा नेता पूर्व सीएम जीतन राम मांझी है. इनकी जीभ काटने वालों के खिलाफ यदि कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे बिहार को ठप्प किया जाएगा. सरकार तुरंत इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करवाकर गजेन्द्र झा की गिरफ्तारी करे. गजेन्द्र झा के बयान से पूरा दलित समुदाय आक्रोशित है. जीतन राम मांझी ने जो भी कहा वह तो पूर्णत सत्य है. जीतन राम की टिप्पणी ब्राह्मण जाति के विरुद्ध नहीं थी. इसलिए तो उनके घर ब्राह्मण लोग भी भोजन करने आए थें. आज भी हमारी लड़ाई ब्राह्मण जाति के विरुद्द नहीं है. हमारी लड़ाई तो सामाजिक असमानता और छूआछूत की उस भावना के प्रति है, जिसका जिक्र जीतन राम मांझी ने किया था.

यहां बता दें कि जीतन राम मांझी द्वारा कथित रुप में ब्राह्मण विरोधी टिप्पणी करने के साथ ही बिहार राजनीति में बबाल मचा है. जहां ब्राह्मण जाति के कुछ एक संगठनों की ओर जीतन राम मांझी के विरोध में धरना-प्रदर्शन की बाढ़ आ गई, जगह-जगह पुतला दहन किया गया, वहीं पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष गजेन्द्र झा ने जीतन राम मांझी का जीभ काटने वालों को 11 लाख का इनाम देने की घोषणा कर दी. लेकिन इसकी प्रतिक्रिया में दलित संगठन भी उठ खड़े हुए और अब जीतन राम मांझी के पक्ष में उनकी लामबंदी तेज होती जा रही है.
रिपोर्ट – अनिल कुमार शर्मा

















