रांची : रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर हिनू स्थित सृष्टि अस्पताल में शुक्रवार को सीआईडी की टीम ने छापेमारी की. छापेमारी के दौरान सीआईडी की टीम ने कंप्यूटर समेत कई दस्तावेज जब्त कर अपने साथ ले गई.
सृष्टि अस्पताल में सीआईडी की टीम जैसे ही पहुंची तो अफरा-तफरी का माहौल हो गया. अस्पताल के मालिक सुधाकर देव इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. सीआईडी की टीम कालाबाजारी के मामले में लगातार जांच कर रही है. इस मामले में कई और लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना है.

बताते चलें कि रेमडेसिविर की कालाबाजारी के मामले में सीआईडी ने सृष्टि अस्पताल की भूमिका संदिग्ध पाया था. इस मामले में सीआईडी के द्वारा अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर प्रबंधन से जवाब मांगा गया था. जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर सीआईडी ने इस मामले में कार्रवाई की है. अस्पताल में दो मरीजों के नाम पर रेमडेसिविर आया था, लेकिन अस्पताल में दोनों मरीजों को इंजेक्शन नहीं दिया गया था. सरकार से मिलने के बाद रेमडेसिविर इंजेक्शन को अस्पताल के कर्मचारी ने प्राईवेट अस्पताल को बेच दिया था.

बता दें कि राजधानी रांची में कोरोना काल में काफी अधिक मात्रा में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी हो रही थी. रिम्स अस्पताल से सुषमा कुमारी नामक काम करने वाली परिचारिका रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी करते हुए पकड़ी गई थी. इसके अलावा पुलिस ने राजीव सिंह नामक व्यक्ति को रेमडेसिवीर इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था. उससे पूछताछ के सिलसिले में सृष्टि अस्पताल के कर्मचारी मनीष कुमार सिन्हा का नाम भी सामने आया था. पुलिस इन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. फिलहाल इस मामले में राजीव सिंह जमानत पर जेल से बाहर है. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीआईडी की विशेष जांच टीम इस मामले का अनुसंधान कर रही है.
रिपोर्ट : प्रोजेश दास







