रांची: झारखंड में एक मई से बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई दरों की घोषणा की है, जिसके तहत ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में प्रति यूनिट 40 पैसे और शहरी उपभोक्ताओं के लिए 20 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। अब ग्रामीण उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 6.30 रुपए की बजाय 6.70 रुपए और शहरी उपभोक्ताओं को 6.65 रुपए के स्थान पर 6.85 रुपए प्रति यूनिट चुकाने होंगे।
आयोग के सदस्य (विधि) महेंद्र प्रसाद और सदस्य (तकनीकी) अतुल कुमार ने बताया कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने दरों में 40% वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, लेकिन आयोग ने सिर्फ 6.34% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। राहत की बात यह है कि फिक्स्ड चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है और मीटर रेंट को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
राज्य में कुल 50.80 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 40 लाख उपभोक्ताओं को पहले से ही मुफ्त बिजली मिल रही है। इसलिए इस बढ़ी हुई दर का असर केवल 10.80 लाख उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा, जिनमें लगभग 6.60 लाख शहरी क्षेत्र के उपभोक्ता हैं।
आयोग ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कुछ प्रोत्साहन भी घोषित किए हैं:
बिल मिलने के पांच दिन के भीतर भुगतान करने पर 2% की छूट।
65% से अधिक लोड फैक्टर वाले उपभोक्ताओं को भी छूट।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर एनर्जी चार्ज में 3% की छूट (लगभग 20 पैसे प्रति यूनिट)।
प्रीपेड मीटर लगवाने के एक महीने के भीतर सुरक्षा राशि की वापसी या बिल में समायोजन।
कृषि उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर यह है कि उनकी दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है और मीटर रेंट से भी उन्हें पूरी तरह छूट दी गई है।
पब्लिक इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के लिए सोलर ऑवर (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक) में दरें 7.31 रुपए प्रति यूनिट और नॉन सोलर ऑवर में 8.77 रुपए प्रति यूनिट तय की गई हैं। ग्रीन एनर्जी की दर में भी 0.60 रुपए प्रति यूनिट वृद्धि को मंजूरी मिली है।
आयोग ने रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए ग्रॉस मीटरिंग की दर 4.16 रुपए/किलोवाट और नेट मीटरिंग की दर 3.80 रुपए/किलोवाट निर्धारित की है। साथ ही, जेबीवीएनएल को बिलिंग सॉफ्टवेयर में संशोधन का निर्देश दिया गया है ताकि उपभोक्ताओं को बिल न मिलने पर फिक्स्ड चार्ज का स्वत: समायोजन हो सके।


















