रांची: नगर निगम के हालिया चुनाव में जीतने वाले 15 पूर्व पार्षदों के आरक्षण पात्रता का सत्यापन किया जाएगा। ये पूर्व पार्षद वर्ष 2013 और 2018 के निकाय चुनाव में अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) या पिछड़ा वर्ग (OBC) से आते हैं, लेकिन सामान्य सीट से चुनाव लड़े थे। इसके कारण अब जिला प्रशासन ने इनके आवासीय पते का जांच करने का आदेश दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये झारखंड के मूल निवासी हैं या नहीं।
यह जांच इस लिए भी आवश्यक है क्योंकि उन प्रतिनिधियों को भी अत्यंत पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग माना जाता है जो झारखंड के वार्ड नंबर 19, 20, 22, 25, और 44 के मूल निवासी नहीं हैं। जिला प्रशासन ने बड़गाई, सदर, नगड़ी, अरगोड़ा और हेहल अंचल के सीओ को पूर्व पार्षदों के आवासीय पते का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि इन प्रतिनिधियों ने पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का लाभ सही तरीके से लिया है या नहीं। इसके बाद संबंधित वार्डों में आरक्षण प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
यह कदम चुनाव व्यवस्था की पारदर्शिता और आरक्षण नियमों के सही पालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।







