झारखंड में पावर सेक्टर को भी नहीं मिलेगा रियायत का लाभ, अप्रैल से चल रही है बाजार दर पर वसूली
रांची: झारखंड सरकार के खान विभाग ने जून 2025 से प्रभावी नई कोयला दरों की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके आधार पर अब कोयला उत्पादकों से रॉयल्टी की वसूली की जाएगी। खास बात यह है कि अब पावर प्लांटों को भेजे जाने वाले कोयले पर भी बाजार दर के आधार पर ही रॉयल्टी ली जाएगी, भले ही उन्हें कोयला सब्सिडाइज रेट पर क्यों न मिला हो।
खान सचिव अरवा राजकमल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सभी जिला खनन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित भारित औसत मूल्य के आधार पर रॉयल्टी की सही गणना सुनिश्चित करें। राजमहल क्षेत्र में संचालित कोयला खनन पट्टों के मामलों में निर्धारित दर में ₹700 जोड़कर रॉयल्टी की गणना की जाएगी।
दरें तय: जीउ ग्रेड सबसे महंगा, वाशरी-1 की दर ₹6018.63 प्रति टन
जून 2025 के लिए खान विभाग द्वारा निर्धारित दरों में जीउ ग्रेड के कोयले की दर ₹4650.96 प्रति टन तय की गई है, जबकि वाशरी-1 की दर ₹6018.63 और वाशरी-6 की दर ₹3372.60 प्रति टन निर्धारित की गई है। स्टील ग्रेड-2 तथा 517 ग्रेड की दर ₹2557.54 प्रति टन रखी गई है।
सब्सिडी रेट से नहीं चलेगा काम, अब बाजार रेट पर रॉयल्टी वसूली
खान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहले पावर प्लांटों को सब्सिडी रेट (₹950 प्रति टन) पर कोयला आपूर्ति की जाती थी, जिस पर केवल 14 प्रतिशत रॉयल्टी लगती थी। परंतु अब रॉयल्टी की गणना बाजार दर (₹4000 से अधिक प्रति टन) के आधार पर की जाएगी। विभाग द्वारा अप्रैल माह से ही इस नई प्रणाली के तहत वसूली की जा रही है।
अब हर माह कोयले की नयी दर निर्धारित की जाएगी और उसी आधार पर रॉयल्टी की गणना की जाएगी। इससे सरकार को राजस्व में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।


















