पूर्णिया की घटना पर गरमाई राजनीति: निर्दोष आदिवासियों की हत्या को लेकर झारखंड से उठी इंसाफ की मांग

261
पूर्णिया की घटना पर गरमाई राजनीति: निर्दोष आदिवासियों की हत्या को लेकर झारखंड से उठी इंसाफ की मांग
पूर्णिया की घटना पर गरमाई राजनीति: निर्दोष आदिवासियों की हत्या को लेकर झारखंड से उठी इंसाफ की मांग
Advertisment

रांची: पूर्णिया, बिहार में पांच आदिवासी युवकों को ज़िंदा जलाकर मारने की दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस जघन्य अपराध को लेकर आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश है और इसे मानवता पर कलंक बताया जा रहा है। झारखंड से लेकर देशभर के आदिवासी संगठनों और नेताओं ने इस घटना की तीखी निंदा की है।

Advertisment

झारखंड के एक प्रमुख जनप्रतिनिधि ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता और उनके अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की आदिवासी विरोधी मानसिकता अब स्पष्ट रूप से सामने आ चुकी है और यह पूरी घटना उसी सोच का परिणाम है।

नेता ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि वे तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करें और एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बिहार भेजें, जिसमें उन्हें भी शामिल किया जाए। उनका कहना है कि वह स्वयं स्थल पर जाकर पीड़ित परिवारों से मिलना चाहते हैं और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में काम करना चाहते हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए, यह कहते हुए कि बिहार में वोटर वेरीफिकेशन के नाम पर दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। इसे उन्होंने एनआरसी जैसी नीतियों का विस्तार बताया, जिसका उद्देश्य इन वर्गों को डराना और लोकतंत्र को कमजोर करना है।

इस पूरी घटना के विरोध में झारखंड के विभिन्न आदिवासी संगठनों ने एकजुट होने का आह्वान किया है और कहा है कि यह हमारी अस्मिता, अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई है जिसे अब मजबूती से लड़ना होगा।

Advertisement