सावन के पहले दिन रांची के पहाड़ी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भक्त बोले – बाबा ने मन्नतें की हैं पूरी

रांची: सावन की शुरुआत के साथ ही राजधानी रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार सुबह से ही श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए मंदिर की 468 सीढ़ियों पर चढ़ते नजर आए। पहाड़ी बाबा के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। इस पावन अवसर पर मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया और विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच भक्तों को दर्शन की सुविधा दी गई।

इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नत पूरी होने की भावनाएं भी साझा कीं। कोई त्रिपुरा से तो कोई गिरिडीह, बड़कागांव और राजधानी के विभिन्न इलाकों से पहाड़ी मंदिर पहुंचा। श्रद्धालु परिवार के साथ पूजा करने आए थे, कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वह हर साल सावन में दर्शन करने आते हैं।

तीन साल का बालक बिना रुके चढ़ा पूरी पहाड़ी
एक महिला श्रद्धालु ने भावुक होते हुए बताया कि उन्होंने बाबा से पुत्र की मन्नत मांगी थी, और उनके आशीर्वाद से उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। आज उनके बेटे का जन्मदिन था, जिसे लेकर वह सबसे पहले बाबा के दरबार में आईं। उनका तीन साल का बेटा बिना थके पहाड़ी की सारी सीढ़ियां चढ़ गया।

70 सालों से आते हैं बाबा के दरबार
श्याम सुंदर नामक एक श्रद्धालु ने बताया कि वह पिछले 70 वर्षों से इस मंदिर में पूजा करने आ रहे हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, “बाबा ने मुझे जीरो से हीरो बना दिया। जो कुछ भी मिला है, बाबा की कृपा से ही मिला है। मैं हर साल बाबा को आंसू चढ़ाने आता हूं।”

व्यवस्था में हुआ व्यापक बदलाव
श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार मंदिर की सीढ़ियों की मरम्मत की गई है और सुरक्षा के लिए रेलिंग्स भी लगाई गई हैं। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया है। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दर्शन भी दिखाए जा रहे हैं। भक्तों ने पूजा की व्यवस्था को सराहा और कहा कि बिना किसी अवरोध के दर्शन हुए।

श्रद्धा, आस्था और उल्लास का माहौल
सावन के पहले दिन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मेडिकल की छात्रा एक श्रद्धालु ने कहा, “मैं पूरी हरी साड़ी और गहनों में तैयार होकर बाबा के दर्शन को आई हूं, ताकि मेरे पढ़ाई और जीवन में सब कुछ अच्छा हो।”

बाबा की महिमा पर विश्वास
कई श्रद्धालुओं ने कहा कि वे सावन की शुरुआत पहाड़ी मंदिर में बाबा के दर्शन के साथ करते हैं, जिससे उनका पूरा महीना शांतिपूर्ण और फलदायी बीतता है। कुछ श्रद्धालुओं ने अपने विवाह की वर्षगांठ और बेटे के मुंडन जैसे शुभ अवसरों पर बाबा का आशीर्वाद लेने को पहली प्राथमिकता बताया।


Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

180,000FansLike
28,100FollowersFollow
628FollowersFollow
688,500SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
error: Content is protected !!