बिहार में पानी से हाहाकार, पटना सहित जिलों के शहरों सहित अस्पताल में भारी जलजमाव, लोग परेशान

खगौल/भोजपुर/कैमूर : बिहार सहित राजधानी पटना में भारी भारी बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। पटना सहित राज्य के कई जिलों के शहरों में भारी जलजमाव हो गया है। साथ ही कई शहरों के अस्पतालों में भी जलजमाव देखने को मिल रहा है। पटना के दानापुर, भोजपुर और कैमूर से जलजमाव की खबरें आ रही है। राजधानी पटना सहित बिहार के कई कई जिलों में रात से ही मुसलाधार बारिश हो रही है। मंडल रेल मुख्यालय दानापुर स्थित न्यू कॉलोनी में जलजमाव से पीड़ित महिलाएं उग्र होकर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुंच कर मुख्य द्वार पर बैठ गई और विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं से एडीआरम ने मिलकर उन्हें जलजमाव की समस्या तत्काल निजात के आश्वासन के बाद महिलाएं शांत हुई। लोगों ने बताया कि पिछ्ले पांच दिनों से न्यू कॉलोनी में हम लोगों के क्वार्टर में एक फिट पानी घुस गया। जिससे वहां रहने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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नाली के गंदे पानी के बीच रहने को मजबूर है – महिलाएं

उन्होंने बताया कि नाली के गंदे पानी के बीच रहने को मजबूर है। रेल प्रशासन को इसकी सूचना दी गई लेकिन जलजमाव की समस्या अभी भी बरकार है। घर के आंगन से लेकर कमरे व कीचेन और शौचालय में पानी घुस गया। खाना बनाना और बाथरूम जाना मुश्किल हो गया है। रोजाना बच्चों को स्कूल जाना और ऑफिस जाना समेत कई समस्या उत्पन्न हो गई हैं। जलजमाव से क्वार्टर में सांप व बीछू के साथ अन्य कीड़ों- मकौड़े का भय सता रहा हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। अधिकारी सुनकर अनसुना कर रहें है जिससे कॉलोनी में पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। समय रहते रेल प्रशासन नालो की सफाई और ड्रेनेज की व्यवस्था करता तो आज ये समस्या नहीं होती। अब हमलोगों को गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही है। मल-मूत्र युक्त टंकी का पानी घरों में बह रहा है। जिससे अत्यधिक दुर्गंध एवं संक्रमण फैल रहा है। बच्चों एवं बुजुर्गों में बीमारियां तेजी से फैल रही है। सांप एवं अन्य जलीय जीव-जंतु घरों में प्रवेश कर रहे हैं। जिससे जानमाल की सुरक्षा खतरे में है।

लोगों ने कहा- जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है

लोगों का कहना है कि जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। अबतक रेल प्रशासन द्वारा कोई ठोस एवं त्वरित कार्रवाई नहीं की गई है। रेलवे अधिकारी इंफ्रा के राजीव कुमार के आश्वासन पर महिलाओं ने घेराव से हट गए। वहीं रेलवे के कमांडेंट और आरपीएफ इंस्पेक्ट भी पहुंचे थे। ईस्ट सेंट्रल रेलवे मेंस कांग्रेस के उपाध्यक्ष संतोष पांडे ने बताया है कि रेलवे कॉलोनी में देख-रेख नहीं होने के वजह से यह स्थिति बनी हुई है। पहले साफ-सफाई की व्यवस्था होती थी। रेलवे के द्वारा कई सालों से साफ-सफाई नहीं हुई है।

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3 मोटर नगर परिषद के द्वारा लगाई गई है – नगर परिषद अध्यक्ष सुजीत कुमार

नगर परिषद अध्यक्ष सुजीत कुमार ने बताया कि तीन मोटर नगर परिषद के द्वारा लगाई गई है। वहीं जेसीबी से भी साफ-सफाई कराई गई, फिर भी पानी घट नहीं रहा है। रेलवे के दो मोटर लगाई गई है, कुल पांच मोटर लगाकर पानी निकाला जा रहा है। वहीं इस घेराव में किरण देवी, रीना देवी, पुष्पा देवी और श्वेता कुमारी अन्य लोग शामिल थी। इस समस्या को देखते हुए लोग क्वार्टर छोड़कर दूसरे स्थान पर जा रहे हैं।

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आरा शहर के मुख्य प्रवेश द्वार जीरो माइल पर हुआ जलजमाव लोग परेशान

भोजपुर जिले के आरा शहर के मुख्य प्रवेश द्वार जीरो माइल के पास जर्जर सड़क पर जलजमाव होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तस्वीरों में साफतौर पर देखा जा सकता है कि शहर में आने वाले मुख्य सड़क जीरो माइल के समीप काफी जलजमाव हो गया है। जलजमाव होने के कारण आसपास के हजारों लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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आरा शहर के मुख्य प्रवेश द्वार जीरो माइल पर हुआ जलजमाव लोग परेशान

लोग इसी जर्जर रास्ते के सहारे आने जाने को मजबूर हैं

आपको बता दें कि लोग इसी जर्जर रास्ते के सहारे आने जाने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग, महिलाओं एवं बच्चों को हो रही है। हर रोज लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो जा रहे हैं। संदेश विधानसभा क्षेत्र के उदवंत नगर प्रखंड के इकौना पंचायत का यह इलाका विकास से कोसों दूर है। सड़क के निर्माण के कारण नाले का निर्माण नहीं किया जा सकता है। जिसके कारण सड़क पर गड्ढे उभर आए हैं। जलजमाव के कारण सड़क पर एक फीट से ज्यादा पानी लगा हुआ है। उसी रास्ते से लोग आने-जाने को मजबूर है।

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स्थानीय लोगों ने कहा- यह जलजमाव काफी दिनों से लगा हुआ है

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह जलजमाव काफी दिनों से लगा हुआ है और लोग लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। फिर भी इसका निर्माण नहीं किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि सीधेतौर पर जिम्मेवार हैं। क्योंकि इसी रास्ते से आम से खास लोगों का हर रोज आना-जाना होता है। अभी तक जलजमाव से लोगों को मुक्ति नहीं मिल पाई है। इसको लेकर लोगों में काफी नाराजगी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर लोग इलाके की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं।

तालाब में तब्दील हुआ अनुमंडल अस्पताल मोहनिया, गंदे पानी के बीच इलाज कराने को मजबूर हुए मरीज व परिजन

कैमूर जिले का अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया फिलहाल तालाब में तब्दील हो गया है। अस्पताल परिसर, ट्रामा सेंटर का इमरजेंसी वार्ड, दवा काउंटर, टिकट पर्ची काउंटर सहित कई कमरों में नाले का गंदा पानी घुस गया है। इसी गंदे पानी के बीच मरीज और उनके परिजन इलाज कराने को मजबूर है। यहां तक की ट्रामा सेंटर का बिल्डिंग जर्जर हो चुका है। आज सुबह से हो रहे झमाझम बारिश के बीच उसका फॉल सीलिंग भी टूट कर नीचे गिर गया। गनिमत अच्छा रहा कि उस समय कोई मौजूद नहीं था, नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। वहीं अस्पताल के पदाधिकारी सड़क किनारे बन रहे नाले का कार्य शिथिल पड़ जाने के कारण शहर का नाली का गंदा पानी अस्पताल परिसर में घुसने की बात बता रहे हैं।

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तालाब में तब्दील हुआ अनुमंडल अस्पताल मोहनिया, गंदे पानी के बीच इलाज कराने को मजबूर हुए मरीज व परिजन

हम अपने मरीज को लेकर दवा के लिए आए हैं। लेकिन अभी काउंटर खुला नहीं है – परिजन

मोहनिया थाना क्षेत्र के बड़की देवकली के सुधु सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हम अपने मरीज को लेकर दवा के लिए आए हैं लेकिन अभी काउंटर खुला नहीं है। अस्पताल में चारों तरफ पानी भर गया है बहुत परेशानी हो रही है। अस्पताल की कर्मी पुष्पा देवी ने बताया कि सुबह आठ बजे ड्यूटी के लिए हम अनुमंडल अस्पताल मोहनिया पहुंचे तो देखें कि कैंपस, वार्ड और ट्रॉमा सेंटर के सभी कमरों और गलियारों में नाले का गंदा पानी प्रवेश कर गया है। आज सुबह से बारिश हो रही है। इसी गंदे पानी के बीच हमलोग अपनी सेवा दे रहे हैं।

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सड़क किनारे नाले का निर्माण काफी दिनों से अधूरा पड़ा है – प्रभारी डॉक्टर विजय कुमार

अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर विजय कुमार ने बताया सड़क किनारे नाले का निर्माण काफी दिनों से अधूरा पड़ा है। जिसका नतीजा है कि शहर का नाला का गंदा पानी अस्पताल परिसर के अंदर बारिश होने के बाद जमा होने लगता है। यह पानी आज भी जमा हो गया है। ट्रामा सेंटर थोड़ा सा नीचे है जिस कारण प्रवेश कर जा रहा है। अगर नाला निर्माण हो गया होता तो गंदा पानी अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं करता। ट्रामा सेंटर जर्जर हो गया है बहुत जल्दी इसको हम लोग खाली भी करने वाले हैं।

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पृथ्वी कुमार, नेहा गुप्ता और देवब्रत तिवारी की रिपोर्ट

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