रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बुधवार रात से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश शुक्रवार तक जारी रही, जिससे कई जिलों में जलजमाव और तबाही का माहौल बन गया। चतरा जिले के पत्थलगड़ा, गिद्धौर, कान्हाचट्टी और ईटखोरी प्रखंड सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पिछले 24 घंटे में चतरा में 106 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए। करीब 600 घर पानी में घिर गए और नदियां उफान पर आ गईं।
गिद्धौर के कटघरा गांव में एक घर में पानी घुस जाने से पति-पत्नी बह गए। पति का शव खेत में मिला, जबकि पत्नी की तलाश जारी है। वहीं, पत्थलगड़ा और ईटखोरी में दर्जनों घर व स्कूल जलमग्न हो गए और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
सरायकेला में कच्चा मकान ढहने से दो की मौत
भारी बारिश के कारण सरायकेला के डांडू गांव में एक मिट्टी का मकान ढह गया, जिसमें 10 लोग दब गए। इलाज के दौरान शांति देवी और उसके सात वर्षीय बेटे प्रवीन की मौत हो गई। जबकि मकान मालिक संतोष लोहार के परिवार सहित छह लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में अगले तीन दिन तक मानसून सक्रिय रहेगा। शनिवार को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में भारी बारिश की संभावना है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रांची, खूंटी, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। रविवार को भी रांची और पलामू के लिए यलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ठनका गिरने की आशंका जताई गई है।
बारिश से तापमान में गिरावट
लगातार बारिश और बादलों की वजह से राज्यभर में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रांची का अधिकतम तापमान 4.2 डिग्री गिरकर 24.6 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। लोहरदगा में तापमान में 6.3 डिग्री की गिरावट आई, जबकि जमशेदपुर, बोकारो, डाल्टेनगंज और चाईबासा समेत अन्य जिलों में भी पारा नीचे चला गया।
कृषि और जीवन प्रभावित
चतरा जिले में फुलवरिया आहर टूटने से करीब 1000 एकड़ में धान की फसल डूब गई। 500 से ज्यादा घर पानी में घुस जाने से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। कई विद्यालयों के छात्राओं को छत पर चढ़कर अपनी जान बचानी पड़ी।
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