Giridih: सरिया प्रखंड के पूर्नीडीह में अवैध आरा मिलों के खिलाफ वन विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अवैध रूप से संचालित आरामिलों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन छापामारी अभियान के तहत की गई।छापामारी के दौरान वन विभाग की टीम ने अवैध रूप से स्थापित आरा मिल, आरा हाथी, प्लेटफार्म समेत अन्य उपकरणों को जेसीबी मशीन से पूरी तरह उखाड़कर नष्ट कर दिया। साथ ही मौके पर रखी गई विभिन्न प्रजातियों की लकड़ियां एवं उपकरण जैसे डीजल इंजन, चक्का और चिरान को जब्त किया गया।
जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 3.5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। सभी जब्त सामान को ट्रैक्टर के माध्यम से वन परिसर कार्यालय, सरिया लाया गया। इस कार्रवाई में शामिल आरा मिल संचालकों अशोक राणा (भरकट्टा), बंधन महतो (पूर्नीडीह), मनोज यादव (भरकट्टा), बालो हेमब्रम (पूर्नीडीह) और किशुन मांझी (पूर्नीडीह) के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41, 42 तथा बिहार काष्ठ चिरान (विनियमन) अधिनियम 1990 की धारा 9, 10 और 14 के तहत वन मुकदमा दर्ज किया गया है।
छापामारी अभियान का नेतृत्व बगोदर वन प्रक्षेत्र के वन क्षेत्र पदाधिकारी राजेश कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि वन प्रमंडल पदाधिकारी के निर्देशानुसार क्षेत्र में चोरी-छिपे संचालित दर्जनों अवैध आरा मिलों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान में वन विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी शामिल रहे, जिनमें अंशु कुमार (प्रभारी वन परिसर पदाधिकारी), दिलो रवि दास (प्रभारी वनपाल, बगोदर), संजीत रविदास (प्रभारी वनपाल, टाटीझरिया), प्रधान वनरक्षी कुंदन कुमार दास सहित अन्य वनरक्षी एवं जिला बल के जवान मौजूद थे। वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।







