पटना : प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आज यानी सात अक्टूबर को आयोजित संवाददाता सम्मेलन को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और झारखंड सरकार की पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश का कृत्य केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि भारत के संविधान, उसकी आत्मा और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर सीधा प्रहार है।

बीआर गवई की घटना का जिक्र करते हुए राजेश राम भावुक हो गए व उनके आंखों से आंसू छलकने लगे
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की घटना का जिक्र करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम भावुक हो गए और उनके आंखों से आंसू छलकने लगे। यह वही देश है जहाँ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान का हक दिया। आज जब एक दलित अपनी योग्यता और निष्ठा के बल पर देश की सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी पर विराजमान है, तब एक विशेष विचारधारा को यह स्वीकार नहीं हो पा रहा है। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर आरएसएस-भाजपा मानसिकता से प्रेरित लोग मुख्य न्यायाधीश के विरुद्ध घृणा और जहर फैला रहे थे। उसी विषैली मानसिकता की परिणति यह घृणित जूता फेंकने की घटना है।
कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है
यह जूता भारत की संवैधानिक अस्मिता पर फेंका गया है, बाबा साहेब के आदर्शों पर मारा गया है, और देश के दलितों के आत्मसम्मान पर मारा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित समूची कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की तीव्र निंदा की है और कहा है कि मुख्य न्यायाधीश महोदय पूरी निर्भीकता से हमारे संविधान और उसमें प्रदत्त शक्तियों के तहत अपने निर्णयों से संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करें समूचा भारतवर्ष आपके साथ खड़ा है।
रायबरेली में दलित युवक की हत्या भी उसी मानसिकता का प्रतिबिंब है – राजेश राम
राजेश राम ने कहा कि रायबरेली में दलित युवक की हत्या भी उसी मानसिकता का प्रतिबिंब है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की नृशंस हत्या ने देश को झकझोर दिया है। रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या सिर्फ एक इंसान की नहीं इंसानियत, संविधान और न्याय की हत्या है। आज भारत में दलित, आदिवासी, मुसलमान, पिछड़े और गरीब हर उस व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है, जिसकी आवाज कमजोर है, जिसकी हिस्सेदारी छीनी जा रही है, और जिसकी जिंदगी सस्ती समझी जाती है। देश में नफरत, हिंसा और भीड़तंत्र को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है, जहां संविधान की जगह बुलडोजर ने ले ली है और इंसाफ की जगह डर ने। भारत का भविष्य समानता और मानवता पर टिका है और यह देश चलेगा संविधान से, भीड़ की सनक से नहीं।
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मोदी-नीतीश सरकार ने बिहारवासियों को धोखा दिया – दीपिका पांडेय सिंह
कांग्रेस पार्टी स्पष्ट रूप से कहना चाहती है कि संविधान पर आक्रमण, दलितों पर अत्याचार और न्यायपालिका पर हमले ये सब एक ही विचारधारा की देन हैं, जो भारत की आत्मा को कुचलना चाहती है। लेकिन भारत की जनता, बाबा साहेब के संविधान और उनके सपनों की रक्षा के लिए एकजुट खड़ी है। झारखंड सरकार की पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जदयू सरकार ने प्रदेश के 94 लाख गरीब परिवारों से वादा किया था कि हर गरीब के खाते में दो-दो लाख रुपए व्यवसाय करने के लिए दिए जाएंगे क्योंकि जातिगत सर्वे में बिहार की 64 फीसदी आबादी अति गरीब पाई गई थी। मगर आज मोदी-नीतीश सरकार ने बिहारवासियों को धोखा दिया और मात्र 10 हजार रुपए बिहार की केवल 20 फीसदी बहनों के खाते में डालकर विधानसभा चुनाव में सत्ता की भूख मिटाने का खेल खेला।
संवाददाता सम्मेलन का संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने किया
संवाददाता सम्मेलन का संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने किया। संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, सोशल मीडिया के अध्यक्ष सौरभ सिंहा, प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन और ज्ञान रंजन सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें।
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