Ghatshila Bypoll 2025: त्रिकोणीय हुआ मुकाबला, JMM-BJP के बीच JLKM ने बढ़ाई टेंशन — जानें किसका पलड़ा भारी

Ghatshila Bypoll 2025 में JMM, BJP और JLKM के बीच त्रिकोणीय मुकाबला। सोमेश सोरेन, बाबूलाल सोरेन और रामदास मुर्मू आमने-सामने, 11 नवंबर को मतदान।


Ghatshila Bypoll 2025 घाटशिला: पूर्वी सिंहभूम जिले की घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव अब पूरी तरह त्रिकोणीय हो गया है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) तीनों ने अपने-अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इस मुकाबले ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।

यह उपचुनाव झामुमो विधायक और राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के कारण हो रहा है। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि मतदान 11 नवंबर को और वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी।


Key Highlights:

  • घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में JMM, BJP और JLKM में हुआ त्रिकोणीय मुकाबला।

  • झामुमो ने सोमेश सोरेन को उतारा, जबकि भाजपा से मैदान में बाबूलाल सोरेन।

  • जेएलकेएम ने रामदास मुर्मू को उम्मीदवार बनाकर मुकाबला किया रोचक।

  • रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी यह सीट।

  • मतदान 11 नवंबर, मतगणना 14 नवंबर को होगी।

  • स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा उठा कर JLKM ने बनाई अलग रणनीति।


Ghatshila Bypoll 2025:

इस बार यह मुकाबला दो राजनीतिक परिवारों की अगली पीढ़ी के बीच है। झामुमो ने दिवंगत मंत्री के बेटे सोमेश सोरेन को उम्मीदवार बनाया है, जो अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। वहीं भाजपा ने एक बार फिर बाबूलाल सोरेन, जो पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र हैं, पर दांव लगाया है। बाबूलाल 2024 के विधानसभा चुनाव में रामदास सोरेन से लगभग 22,000 वोटों से हार गए थे और अब राजनीतिक बदला लेने के मूड में हैं।

वहीं, जयराम कुमार महतो के नेतृत्व वाली जेएलकेएम (Jharkhand Loktantrik Krantikari Morcha) ने रामदास मुर्मू को उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। पार्टी का दावा है कि वह इस बार भी मैदान में पूरी ताकत से उतरेगी। 2024 के विधानसभा चुनाव में रामदास मुर्मू इसी सीट से तीसरे स्थान पर रहे थे।

Ghatshila Bypoll 2025:

जेएलकेएम उम्मीदवार रामदास मुर्मू ने इस बार चुनाव को स्थानीय बनाम बाहरी के मुद्दे पर केंद्रित किया है। उनका कहना है कि घाटशिला को एक स्थानीय प्रतिनिधि की जरूरत है जो इलाके की समस्याओं को नजदीक से समझता हो। मुर्मू घाटशिला अनुमंडल के ही रहने वाले हैं, जबकि झामुमो के सोमेश सोरेन जमशेदपुर से और भाजपा के बाबूलाल सोरेन सरायकेला-खरसावां जिले से आते हैं।

Ghatshila Bypoll 2025:

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार त्रिकोणीय मुकाबला झामुमो और भाजपा दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा, क्योंकि जेएलकेएम की उपस्थिति कई सीटों पर वोट कटवा की भूमिका निभा सकती है।

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