अपने वादों और चुनावी नारों को भूल गयी हेमंत सरकार, सड़क से सदन तक आजसू करेगी सरकार का विरोध
भाषा विवाद का समाधान और स्थानीय नीति बनाने की मांग
Ranchi– स्थानीय नीति, भाषा विवाद, नियोजन नीति, सरना धर्म कोड, ओबीसी आरक्षण, झारखण्ड आंदोलनकारियों को सम्मान और संसाधनों की लूट के विरोध में आजसू कार्यकर्ताओं ने जयपाल सिंह स्टेडियम से फिरायालाल चौक तक मशाल जुलूस निकाला.
मशाल जुलूस के बाद आजसू महानगर अध्यक्ष ज्ञान सिन्हा ने हेमंत सरकार 7 मार्च को होने वाले विधानसभा घेराव को दबाने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार फंसाने की धमकी दे रही है. सरकार ने जनता की आवाज़ को दबाने के लिए पूरे सरकारी तंत्र को लगा दिया है. झामुमो महागठबंधन की सरकार को न तो जनता की आवाज पंसद है और न ही जनता की आवाज. ऐसा लगता है कि राज्य में लोकतंत्र नहीं बल्कि राजतंत्र कायम हो गया है.
2022 को आजसू संघर्ष वर्ष के रुप में मना रहा है
बता दें कि आजसू पार्टी ने वर्ष-2022 को संघर्ष वर्ष घोषित किया है. इस संधर्ष वर्ष में आजसू ने राज्य के हर छोटे-बड़े आंदोलन से जुड़ने और राज्य की बुनियादी समस्याओं को लेकर सड़क से सदन तक आंदोलन करने का निर्णय लिया है.
इस मौके पर सतीश ठाकुर, सुनील यादव, बंटी यादव, महासचिव रमेश गुप्ता, महिला महानगर अध्यक्ष सीमा सिंह, उपाध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहें.
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