राजगीर में खेती बचाओ अभियान की शुरुआत करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने किसानों से वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की अपील की। सरकार 75% तक अनुदान दे रही है।
Scientific Farming रांची:राजगीर में बुधवार को आयोजित प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सह खेती बचाओ अभियान का शुभारंभ ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृषि को लाभकारी बनाने के लिए किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों, उन्नत बीजों और विशेषज्ञों की सलाह को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि पद्धतियों से लागत कम होती है और उत्पादन में वृद्धि होती है।
Scientific Farming :वैज्ञानिक सलाह में बदलाव से हो सकता है नुकसान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने किसानों से वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार खेती करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सुझाई गई तकनीकों में अपनी ओर से बदलाव या मिलावट करने पर फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों को नई तकनीकों और अनुसंधान आधारित कृषि पद्धतियों का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को अनुदानित बीज, कृषि यंत्र, सिंचाई उपकरण, बागवानी और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए लगातार सहायता प्रदान कर रही है। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदा, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि और कीट प्रकोप से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए राहत और क्षतिपूर्ति राशि भी उपलब्ध कराई जाती है।
Key Highlights
राजगीर में खेती बचाओ अभियान का हुआ शुभारंभ।
मंत्री श्रवण कुमार ने वैज्ञानिक खेती अपनाने पर दिया जोर।
उन्नत बीज, कृषि यंत्र और सिंचाई उपकरणों पर सरकार दे रही सहायता।
विभिन्न कृषि योजनाओं में 75 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध।
कार्यक्रम में किसानों से अधिक संख्या में जीविका दीदियां मौजूद रहीं।
Scientific Farming:किसानों से ज्यादा दिखीं जीविका दीदियां
कार्यक्रम के दौरान किसानों की अपेक्षा जीविका दीदियों की संख्या अधिक दिखाई दी। इस संबंध में पूछे गए सवाल पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में वही लोग आते हैं जिन्हें विषय में रुचि होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सभी पात्र किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है और इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
Scientific Farming:उन्नत बीज और मिट्टी जांच पर दिया गया जोर
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. नितेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में वैज्ञानिक तकनीकों और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने किसानों को मिट्टी जांच के आधार पर खेती करने तथा उन्नत बीजों का प्रयोग करने की सलाह दी।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि किसानों के लिए विभिन्न फसलों के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें बेबीकॉर्न के 7 किलो, स्वीट कॉर्न के 4 किलो, धान की सीधी बुवाई के लिए 10 क्विंटल, शंकर धान के 9 क्विंटल तथा शंकर मक्का के 95 किलो बीज का आवंटन किया गया है।
Scientific Farming:कृषि योजनाओं में 75 प्रतिशत तक अनुदान
कृषि समन्वयक राजीव रंजन कुमार ने कहा कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए सरकार मिट्टी जांच, सूक्ष्म सिंचाई, उन्नत बीज और अन्य कृषि योजनाओं पर 75 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करा रही है। उन्होंने किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की भी अपील की ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
कार्यक्रम में हरनौत कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. उमेश नारायण उमेश, कृषि लेखापाल अमित कुमार, कृषि समन्वयक अंजनी कुमार, कुंदन कुमार, वार्ड पार्षद डॉ. अनिल कुमार, जदयू जिला उपाध्यक्ष सुवेन्द्र राजवंशी, जयराम सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
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