पटना : पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष व विधायक अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी ने गुजरात के श्रम कानूनों पर करारा प्रहार करते हुए भाजपा को मजदूर विरोधी बताया और कहा कि जो भाजपा सरकार गुजरता में अपने 10 लाख सरकारी नौकरी का वादा नहीं पूरा कर सकी वो बिहार में एक करोड़ सरकारी नौकरी देने का झूठा वादा कर रही है।

विश्व में काम के घंटों को घटाकर 7 घंटे करने की बहस चल रही है – जिग्नेश मेवाणी
गुजरात प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि जहां विश्व में काम के घंटों को घटाकर सात घंटे करने की बहस चल रही है। वहीं गुजरात मॉडल के नाम पर देश को बरगलाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी भाजपा ने वहां श्रमिकों से 12 घंटे काम लेने का कानून बनाया हुआ है जो राष्ट्रीय स्तर पर आठ घंटे के काम से कहीं ज्यादा है।
जिग्नेश ने कहा- बिहार में रोजी रोजगार की कमी के कारण युवा, नौजवान, महिलाएं व सभी वर्ग के लोग पलायन कर वहां काम करने जाते हैं
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष व विधायक अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि बिहार में रोजी रोजगार की कमी के कारण बिहार के युवा, नौजवान, महिलाएं और सभी वर्ग के लोग पलायन कर वहां काम करने जाते हैं और यह भाजपा सरकार उनका शोषण कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि मैं गुजरात से हूं और मैं जानता हूं कि इनका ड्रामा किस कदर होता है और ये किस तरीके के गलत प्रैक्टिस से देश भर में गुजरात में व्याप्त गड़बड़ियों को छिपा कर उसे बेहतरीन बताकर गुजरात की कमियां छिपाते हैं।
PM मोदी झूठ, फर्जी वादों के उस्ताद हैं – जिग्नेश मेवाणी
गयाजी से चुनाव प्रचार कर लौटे गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष व विधायक अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि बिहार की जनता इस चुनाव में एनडीए का पिंडदान कर देगी। क्योंकि पीएम मोदी झूठ, फर्जी वादों के उस्ताद हैं। संवाददाता सम्मेलन में एआईसीसी कार्यसमिति सदस्य और मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा, राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे, बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ और प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन पांडेय सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें।
यह भी पढ़े : सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा- बिहार में उद्योगों का NDA ने किया बुरा हाल
स्नेहा राय की रिपोर्ट
Highlights







