वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिये ट्राई की नई पहल, 1600 सीरीज वाले नंबर होंगे सक्रिय,बैंक और एएमसी को मिला निर्देश
22 Scope Newsdesk : वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिये दूरसंचार नियामक संस्था ट्राई ने पहल की है। जिससे वॉयस कॉल के माध्यम से होने वाले धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी। अब बैंकों और म्यूचूअल फंड्स जैसी पैसे के लेन देन से जुड़ी कंपनियों को नये सीरीज का नंबर दिया जायेगा।
1600 सीरीज के नंबर चरणबद्ध तरीके से समय सीमा के अंदर होंगे सक्रिय
ट्राइ ने बैंकों, एनबीएफसी, म्यूचुअल फंड और अन्य विनियमित संस्थाओं के सेवा और लेनदेन संबंधी कॉल करने के लिए विशेष ‘1600’ नंबरिंग श्रृंखला को चरणबद्ध तरीके से अपनाने के लिए स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की।
वायस कॉल के बहाने फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
ट्राइ ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों और विदेशी बैंकों सहित वाणिज्यिक बैंकों को एक जनवरी, 2026 तक इसे अपनाना होगा। ट्राइ की इस पहल से फर्जी कॉल की पहचान आसान होगी और ग्राहकों के साथ होनेवाली धोखाधड़ी में कमी आने की उम्मीद है। ट्राइ ने आगे कहा कि 1600 श्रृंखला को उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाने, स्पैम पर काबू पाने और वॉयस कॉल के जरिये होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिये लाया गया है।
म्यूचुअल फंड कंपनियों को भी 15 फरवरी तक अपनाना होगा
ट्राइ के अनुसार, सभी म्यूचुअल फंड और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को इसे 15 फरवरी, 2026 तक अपनाना होगा। इसी तरह सभी पात्र स्टॉक ब्रोकर (क्यूएसबी) को 15 मार्च, 2026 तक इसे लागू करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बड़े आकार के एनबीएफसी, भुगतान बैंक और लघु वित्त बैंकों को एक फरवरी, 2026 तक इसमें शामिल होने के लिए कहा गया है, और बाकी एनबीएफसी, सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और छोटी संस्थाओं के लिए यह समय सीमा एक मार्च, 2026 है।
ये भी पढ़े : मोतिहारी से बड़ी खबर, यूएई नागरिक को भारत – नेपाल सीमा से एसएसबी ने किया गिरफ्तार
Highlights

