पलामू के लोग Iran War Crisis में फंसे, पढ़ाई और नौकरी करने गए पांच युवक ईरान में अटके

ईरान में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच पलामू के हुसैनाबाद के पांच लोग वहां फंसे हुए हैं। पढ़ाई और नौकरी के लिए गए इन युवकों के परिवारों में चिंता का माहौल है।


Iran War Crisis  पलामू: झारखंड के पलामू जिले के कई लोग इन दिनों पश्चिम एशिया में बने तनावपूर्ण हालात के कारण चिंता में हैं। ईरान में जारी युद्ध जैसे माहौल के बीच पलामू के हुसैनाबाद के पांच लोग वहां फंसे हुए हैं। ये सभी पढ़ाई और रोजगार के सिलसिले में ईरान गए थे और फिलहाल वहीं रह रहे हैं। परिवार के लोग लगातार उनके संपर्क में हैं, लेकिन क्षेत्र में बिगड़ते हालात को लेकर चिंता बनी हुई है।

पढ़ाई और नौकरी के लिए गए युवक ईरान में फंसे

जानकारी के अनुसार हुसैनाबाद के रहने वाले सैयद सलमान रिजवी, सैयद जीशान रिजवी और जीशान हैदर ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ ये लोग वहां काम भी करते हैं।

हुसैनाबाद के मौलाना मुस्वी राजा ने बताया कि सैयद जीशान रिजवी अपनी पत्नी के साथ ईरान में रहते हैं और उनका छह माह का बच्चा भी वहीं है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी सुरक्षित हैं, लेकिन वहां के हालात सामान्य नहीं हैं और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।


Key Highlights

ईरान में पढ़ाई और नौकरी करने गए पलामू के पांच युवक फंसे

हुसैनाबाद के सैयद सलमान रिजवी, सैयद जीशान रिजवी और जीशान हैदर ईरान में रह रहे

जीशान रिजवी की पत्नी और छह माह का बच्चा भी ईरान में मौजूद
मेदिनीनगर के पिता पुत्र दुबई टूर के दौरान फंसे

पलामू से हर साल 200 से अधिक लोग खाड़ी देशों में रोजगार के लिए जाते हैं


दुबई में भी फंसे मेदिनीनगर के पिता पुत्र

इधर पलामू के मेदिनीनगर के रहने वाले एक पिता और पुत्र दुबई घूमने गए थे। इसी दौरान क्षेत्र में तनाव बढ़ने से उनकी वापसी फिलहाल अटक गई है। परिवार के लोग लगातार संपर्क में बने हुए हैं और सुरक्षित लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।

पलामू से बड़ी संख्या में लोग जाते हैं खाड़ी देश

पलामू जिले से हर साल बड़ी संख्या में लोग रोजगार और पढ़ाई के लिए खाड़ी देशों का रुख करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार जिले से प्रतिवर्ष 200 से अधिक लोग संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में काम की तलाश में जाते हैं।

पलामू पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक हर महीने करीब 1000 पासपोर्ट का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इनमें मेदिनीनगर के अलावा हुसैनाबाद और हैदरनगर के लोगों की संख्या सबसे अधिक होती है।

स्थानीय निवासी गुड्डू खान ने बताया कि रोजगार के सीमित अवसरों के कारण पलामू के युवाओं का रुझान खाड़ी देशों की ओर बढ़ रहा है। खासकर हुसैनाबाद, हैदरनगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग नौकरी और पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं।

वर्तमान परिस्थितियों में परिवारों की चिंता इस बात को लेकर बढ़ गई है कि क्षेत्र में तनाव कब कम होगा और वहां फंसे लोग सुरक्षित अपने घर लौट पाएंगे।

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