बोधगया : बोधगया मगध विश्वविद्यालय के परिसर में 10 साल के बाद 22वां दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान शामिल हुए। साथ ही राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश शामिल हुए। वहीं इस मौके पर राज्यपाल के द्वारा 250 पीएचडी छात्र-छात्राओं को दीक्षांत सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। वहीं बिहार विधान परिषद के वर्तमान सभापति और पूर्व मंत्री अवधेश नारायण सिंह को भी शिक्षा और समाज में अच्छे योगदान अनुकरणीय सेवा के सम्मान में मानक डॉ. ऑफ एग्रीकल्चर डिलीट के प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया।
कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी को भी डिलीट की उपाधि दिया गया
वह बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी को भी डिलीट की उपाधि दिया गया। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार में जातीय जनगणना का सर्वे हुआ था उसमें हमने एक डिलीट सबमिट किया था जिसमें हमने इंटरव्यू भी हुआ था इसी के आधार पर हमें यह उपाधि दी गई है। वहीं इस मौके पर मगध विश्वविद्यालय के कुलपति, कॉलेज के प्रोफेसर व शिक्षक के अलावे छात्र-छात्राओं के साथ अभिभावक भी मौजूद थे।

जो छात्र मेहनत करते हैं उनके पीछे भी एक स्वार्थ छिपा रहता है – राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान
वहीं राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने संबोधन में कहा कि जो छात्र मेहनत करते हैं उनके पीछे भी एक स्वार्थ छिपा रहता है। वह अपने और परिवार के लिए अच्छा करना चाहता है। भगवान श्री कृष्णा कहते हैं कि या तो हर कोई करता है। सभी लोग अज्ञानी हैं लेकिन जिसको ज्ञान प्राप्त हो गया। उसकी प्रेरणा का स्त्रोत केवल एक होता है। वह प्रेरणा का स्रोत है, जिसके पास ज्ञान है, वह विश्व कल्याण की बात सोचता है जनकल्याण की बात सोचता है। उन्होंने कहा कि जो लोग मानव कल्याण के लिए काम करेगा उसको ना तो इस दुनिया में और न मरने के बाद उसका विनाश कभी नहीं हो सकता। दूसरों के कल्याण करने वाले लोगों को उसकी कभी दुर्गति नहीं हो सकती।

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आशीष कुमार की रिपोर्ट
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