Jharkhand High Court ने RIMS encroachment हटाने में देरी पर सख्ती दिखाई। कोर्ट ने मशीन से अतिक्रमण हटाने और अधिकारियों की हाजिरी का निर्देश दिया।
RIMS Encroachment रांची: स्थित रिम्स परिसर में मरीजों के बेहतर इलाज और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने की धीमी प्रक्रिया पर कड़ा रुख अपनाया है। Jharkhand High Court ने स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान RIMS encroachment हटाने में तेजी लाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अस्पताल के लिए अधिग्रहित जमीन पर बने अवैध निर्माण को हटाने में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत फोटोग्राफ्स को देखते हुए खंडपीठ ने सवाल किया कि रिम्स की जमीन पर बने भवनों को छेनी और हथौड़ी से क्यों तोड़ा जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए मशीनों का उपयोग कर प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए, ताकि अस्पताल के विकास कार्य प्रभावित न हों।
Key Highlights
• Jharkhand High Court ने RIMS परिसर से अतिक्रमण हटाने में तेजी लाने का निर्देश दिया
• छेनी-हथौड़ी से भवन तोड़े जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई
• RIMS encroachment हटाने में मशीनों के उपयोग पर जोर
• डीसी, डीएलओ और सीओ को सशरीर हाजिर रहने का निर्देश
• कैलाश कोठी तोड़ने पर रोक का आदेश अगली सुनवाई तक जारी
RIMS Encroachment
खंडपीठ ने अतिक्रमण हटाओ अभियान से जुड़े जमीन अधिग्रहण के गजट नोटिफिकेशन के साथ उपायुक्त, जिला भूमि अधिग्रहण पदाधिकारी और अंचल अधिकारी को सशरीर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि रिम्स परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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इससे पहले, कैलाश कोठी को तोड़ने से रोकने की मांग को लेकर दाखिल खुशबू सिंह की याचिका पर भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने रांची के डीएलओ से मौजा मोरहाबादी के प्लॉट संख्या 1694, रकबा 33 डिसमिल जमीन से संबंधित गजट नोटिफिकेशन प्रस्तुत करने को कहा। कैलाश कोठी को तोड़ने पर लगी रोक को जारी रखते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है।स


