EPFO Scheme EES-2025 के तहत 2017 से 2025 तक छूटे कर्मचारियों को EPF में जोड़ा जाएगा। नियोक्ताओं को 6 महीने का समय, सामाजिक सुरक्षा पर जोर।
India EPFO Update रांची: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं को एक बार का विशेष अवसर देते हुए उन कर्मचारियों को पीएफ में शामिल करने की अनुमति दी है, जिन्हें पहले इस दायरे में नहीं लाया गया था। यह सुविधा 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच छूटे कर्मचारियों के लिए दी गई है। इस योजना को Employee Enrollment Scheme (EES-2025) नाम दिया गया है।
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ईपीएफओ के अनुसार यह एक बार लागू होने वाली योजना है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना और पूर्व में हुई चूकों को सरल प्रक्रिया के जरिए सुधारना है। योजना के तहत नवंबर 2025 से छह महीने की अवधि दी जाएगी, जिसमें नियोक्ता अपने कर्मचारियों को पीएफ से जोड़ सकेंगे।
Key Highlights:
• EPFO ने Employee Enrollment Scheme (EES-2025) की घोषणा
• 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 तक छूटे कर्मचारी होंगे शामिल
• कंपनियों को एक बार का विशेष अवसर, 6 महीने की समयसीमा
• अस्थायी और ठेका कर्मचारियों को भी EPF में जोड़ने का प्रावधान
• EPFO Scheme में केवल employer share और सीमित जुर्माना देना होगा
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इस योजना के माध्यम से वे संस्थान या कंपनियां भी पंजीकरण करा सकेंगी, जो अब तक ईपीएफ कानून के तहत रजिस्टर्ड नहीं थीं। ऐसे नियोक्ता अपने स्थायी के साथ-साथ अस्थायी और ठेका कर्मचारियों को भी पीएफ की सुविधा दे सकेंगे। ईईएस-2025 के तहत यदि पहले कर्मचारियों के वेतन से पीएफ की कटौती नहीं की गई थी, तो नियोक्ता को केवल नियोक्ता अंशदान यानी employer share जमा करना होगा। इसके साथ धारा 7क्यू के तहत देय ब्याज, लागू प्रशासनिक शुल्क और अधिकतम 100 रुपये तक सीमित दंडात्मक हर्जाना देना होगा।
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ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों पर फिलहाल जांच चल रही है, वे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। साथ ही कुछ शर्तों के साथ प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ भी इसमें शामिल किए गए हैं। ईपीएफओ ने सभी नियोक्ताओं से अपील की है कि वे इस एक बार मिलने वाले अवसर का पूरा लाभ उठाएं। संगठन ऐसे नियोक्ताओं को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से सूचना देगा, जिन्होंने पहले नियमों का पालन नहीं किया था। इसके अलावा, योजना को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान भी शुरू किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को पीएफ के तहत सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
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