राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभुकों के लिए 30 दिसंबर तक ई-केवाईसी अनिवार्य,पारदर्शी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर सरकार का विशेष अभियान
पटना, 19 दिसंबर : सही लाभुकों तक राशन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा 17 दिसंबर से 30 दिसंबर तक सभी राशन कार्डधारियों के लिए विशेष कैंप आयोजित कर आधार सीडिंग (ई-केवाईसी) की प्रक्रिया कराई जा रही है।
लाभुकों की पात्रता सुनिश्चित करने को लेकर ई-केवाईसी अनिवार्य
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन प्राप्त करने वाले सभी लाभुकों के लिए 30 दिसंबर से पूर्व ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है, ताकि उनकी पात्रता सुनिश्चित की जा सके। इस पहल से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
ई-केवाईसी की सुविधा पूरे देश मे उपलब्ध
राज्य के वैसे राशन कार्डधारी जो आजीविका या अन्य कारणों से राज्य से बाहर निवास कर रहें हैं, उन्हें लौटने की जरुरत नहीं है, क्योंकि राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी करने की सुविधा अब पूरे देश में उपलब्ध है। वर्तमान में वे अपने निवास स्थान पर ही अपने निकटतम उचित मूल्य की दुकान या जनवितरण प्रणाली की दुकान पर ई-केवाईसी करा सकते हैं।
संदिग्ध राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली डाटा का होगा भौतिक सत्यापन
भारत सरकार ने संदिग्ध राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली डाटा साझा कर इसके सत्यापन का निदेश दिया है। इस पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध संदिग्ध राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली डाटा का भौतिक सत्यापन कराकर त्वरित निराकरण करने के लिए कहा है। इसके लिए 17 से 30 दिसंबर 2025 तक विशेष कैम्प लगाया गया है।
लाभुकों की पहचान की तकनीकी प्रक्रिया है ई-केवाईसी
ई-केवाईसी लाभुकों की पहचान की तकनीकी प्रक्रिया है, जिसमें लाभुकों के बायोमेट्रिक ऑकड़ों जैसे हाथ की उंगलियां या आईरिस के माध्यम से उनकी पहचान आधार में मौजूद ऑकड़ों से सत्यापित की जाती है। अधिक जानकारी के लिए अपने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी / जिला आपूर्ति पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। ई-केवाईसी के संबंध में किसी भी शिकायत/सुझाव के लिए विभागीय टॉल फ्री नंबर-1800-3456-194 पर संपर्क किया जा सकता है।
Highlights

