मुजफ्फरपुर : मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर केंद्र और बिहार सरकार गंभीर है। केंद्र सरकार ने मासिक धर्म स्वच्छता को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता दी है। बिहार सरकार ने लड़कियों के स्कूलों और कॉलेजों में सैनिटरी पैड की उपलब्धता और मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
मुजफ्फरपुर जिला के चयनित 12 स्कूलों को सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन दिए गए – केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी
आज मुजफ्फरपुर जिला के चैपमैन गर्ल्स हाईस्कूल में मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन एवं जागरूकता अभियान के तहत सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन इंसीनेटर स्थापना उद्घाटन समारोह का केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित मुजफ्फरपुर जिला के चयनित 12 स्कूलों को सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन दिए गए।
कई लड़कियों को स्कूलों में मासिक धर्म आने पर शर्म और झिझक के कारण स्कूल नहीं आते हैं – छात्रा शिवांगी कुशवाहा
चैपमैन गर्ल्स हाईस्कूल मुजफ्फरपुर के 9वीं की छात्रा शिवांगी कुशवाहा का भी मानना है कि कई लड़कियों को स्कूलों में मासिक धर्म आने पर शर्म और झिझक के कारण स्कूल नहीं आते हैं। अब सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन उपलब्ध होने से यह समस्या दूर हो जाएगी। वहीं स्कूल के प्राचार्य डॉ. रेखा शर्मा का कहना है कि विगत चार-पांच वर्षों से सैनिटरी पेड को लेकर जागरूकता काफी किया जा रहा है अब ज्यादातर स्कूलों में इसकी उपलब्धता है।

मासिक धर्म की वजह से बालिका और हाई स्कूल से बच्चियों का स्कूल से ड्रॉप आउट ना हो – जिला शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार सिन्हा
वही मुजफ्फरपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार सिन्हा का कहना है कि मासिक धर्म की वजह से बालिका और हाई स्कूल से बच्चियों का स्कूल से ड्रॉप आउट ना हो। किसी को ध्यान में रखते हुए कुल 12 सरकारी स्कूलों को सेनेटरी वेंडिंग मशीन दिया गया है।आगामी इसको लेकर बड़ी कार्ययोजना तैयार की जा रही है,जिसे जल्द लागू किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने बताया कि मासिक धर्म को लेकर जागरूकता किए जाने की आवश्यकता है। सरकार के स्तर से आने वाले दिनों में सभी स्कूल कॉलेज में सेनेटरी पैड मशीन की व्यवस्था करने जा रही है।
यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है – केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। मासिक धर्म के दौरान और सुविधा या पद की कमी से कई लड़कियां स्कूल ड्रॉप आउट कर जाती है। मुफ्त या सब्सिडाइज पेड वितरण से लड़कियों स्कूल नियमित आती है। जिससे उनकी शिक्षा और भविष्य की संभावनाएं बेहतर होती है, जो जेंडर इक्वलिटी को प्रमोट करता है।

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संतोष कुमार की रिपोर्ट
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