अहमदाबाद में ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो रहे तीन बुजुर्गों को बैंक और म्यूचुअल फंड मैनेजरों ने समय रहते बचाया। डिजिटल अरेस्ट के डर से बाहर निकाला।
Cyber Fraud से बचाव की मिसाल अहमदाबाद: देशभर में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसका सबसे बड़ा शिकार बुजुर्ग वर्ग हो रहा है। साइबर अपराधी उन्हें डर और भ्रम में डालकर उनकी जीवनभर की कमाई हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। गुजरात के अहमदाबाद में ऐसे ही तीन मामलों में समय रहते सतर्कता बरतने से 2.21 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी टल गई।
Cyber Fraud से बचाव की मिसाल: डिजिटल अरेस्ट के खौफ में फंसे बुजुर्ग
तीनों ही मामलों में साइबर अपराधियों ने खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया। उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर अवैध लेनदेन हुआ है और अगर तुरंत पैसे नहीं निकाले गए तो गिरफ्तारी हो जाएगी। इस डर का असर इतना गहरा था कि बुजुर्ग असली पुलिस की बात तक सुनने को तैयार नहीं थे।
Key Highlights
तीन बुजुर्ग 2.21 करोड़ रुपये के ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने से बचे
साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर मानसिक दबाव बनाया
दो मामलों में बुजुर्गों ने असली पुलिस को ही फ्रॉड समझ लिया
बैंक और फंड मैनेजरों की सतर्कता से ठगी रोकी गई
बुजुर्ग सबसे ज्यादा ऑनलाइन फ्रॉड के निशाने पर
Cyber Fraud से बचाव की मिसाल: असली पुलिस से भिड़े, फ्रॉड समझ लिया
दो मामलों में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि जब पुलिस मदद के लिए पहुंची तो बुजुर्गों ने उन्हें ही फ्रॉड करने वाला समझ लिया। गुस्से और डर की हालत में वे पुलिसकर्मियों से उलझ गए, हाथापाई तक हो गई और दांतों से काटने जैसी घटनाएं भी सामने आईं। यह दर्शाता है कि साइबर अपराधी किस तरह मानसिक रूप से लोगों को नियंत्रित कर लेते हैं।
Cyber Fraud से बचाव की मिसाल: बैंक और फंड मैनेजरों की सतर्कता बनी ढाल
तीनों मामलों में एक बात समान थी। बुजुर्ग अचानक बड़ी रकम निकालने के लिए जल्दबाजी में बैंक और म्यूचुअल फंड दफ्तर पहुंचे। असामान्य व्यवहार और घबराहट देखकर बैंक मैनेजरों और फंड मैनेजरों को फ्रॉड की आशंका हुई। उन्होंने तत्काल लेनदेन रोका, पुलिस को सूचना दी और ग्राहकों को समझाने की कोशिश की। इसी सतर्कता के चलते करोड़ों रुपये की ठगी होने से पहले ही मामला पकड़ में आ गया।
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