रांची नगर निगम ने अवैध होर्डिंग और पोस्टर हटाओ अभियान में 78 संस्थानों पर 19.50 लाख का जुर्माना लगाया। बिना अनुमति विज्ञापन लगाने पर अब कड़ी कार्रवाई और लाइसेंस रद्दीकरण की चेतावनी।
Illegal Hoarding Action: रांची: राजधानी रांची में स्वच्छता और शहरी सौंदर्य बढ़ाने के उद्देश्य से नगर निगम ने अवैध बैनर, होर्डिंग और दीवारों पर विज्ञापन के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। शुक्रवार को कचहरी रोड और अपर बाजार क्षेत्र में निगम की टीम ने जांच अभियान चलाया, जिसके दौरान बिना अनुमति फ्लैक्स-होर्डिंग लगाने वाले कुल 78 संस्थानों पर 19.50 लाख रुपए का जुर्माना ठोका गया। प्रत्येक संस्था पर 25 हजार रुपए की दर से यह कार्रवाई की गई।
Illegal Hoarding Action: अवैध विज्ञापन पर सख्ती – निगम की टीम मैदान में सक्रिय
नगर निगम की कार्रवाई के दौरान दीवारों पर सबसे अधिक स्वीपर का विज्ञापन लिखे जाने के मामले सामने आए। ऐसे में कुल 6 स्वीपरों पर जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त द ब्लैक बोर्ड इंस्टीच्यूट पर भी 25 हजार रूपये का जुर्माना निगम द्वारा लगाया गया। कार्रवाई के साथ निगम ने स्पष्ट संदेश दिया कि बिना अनुमति शहर में अब कोई भी दीवार लेखन, पोस्टर चस्पा या फ्लैक्स नहीं लगेगा।
Key Highlights
रांची में 78 संस्थानों पर 19.50 लाख रुपए का जुर्माना
बिना अनुमति फ्लैक्स-बैनर लगाने पर 25 हजार रुपए प्रत्येक की पेनल्टी
दीवार लेखन, पोस्टर चस्पा भी अब सख्त निगरानी के दायरे में
जुर्माना न देने पर ट्रेड लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
मोनोपोल की अवैध स्थापना पर जांच अधूरी, शहर में दुर्घटना का खतरा बढ़ा
Illegal Hoarding Action: बिना अनुमति पोस्टर लगाना कानूनन अपराध, यहां लागू हैं नियम
झारखंड नगर पालिका अधिनियम के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में किसी भी सार्वजनिक स्थान, दीवार, बिजली के पोल या भवन पर बिना सक्षम पदाधिकारी की अनुमति के विज्ञापन प्रदर्शित करना प्रतिबंधित है।
नियमों के तहत:
बिना मंजूरी विज्ञापन प्रदर्शित करने पर 25 हजार रुपए तक जुर्माना
दुकान/प्रतिष्ठान के बाहर केवल छोटा बोर्ड लगाने की अनुमति
दीवार लेखन भी निगम की अनुमति के बिना गैरकानूनी
Illegal Hoarding Action: लाइसेंस भी रद्द हो सकता है – नहीं माने तो बड़ी कार्रवाई
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि बिना लिखित अनुमति किसी भी प्रकार के प्रमोशनल बोर्ड, पोस्टर या बैनर लगाना गैरकानूनी है। जुर्माना नहीं देने पर संबंधित प्रतिष्ठान का ट्रेड लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। यदि लाइसेंस रद्द होने के बाद भी अवैध विज्ञापन मिलता है, तो अलग से 25 हजार का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा।
Illegal Hoarding Action:मोनोपोल की भरमार पर सवाल – जांच अभी अधूरी
एक तरफ अवैध होर्डिंग और पोस्टर पर निगम कार्रवाई जारी है, वहीं दूसरी ओर शहर में रेवड़ी की तरह बांटे गए मोनोपोल पर जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है। प्रमुख मार्गों पर हर 500 कदम पर लगे बड़े मोनोपोल न केवल शहर की छवि खराब कर रहे हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम को इस दिशा में भी समान सख्ती दिखानी चाहिए।
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