Palamu: केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट आर्गेनाइजेशन की प्रदेश स्तरीय बैठक शुक्रवार को स्थानीय सर्किट हाउस में आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से मृत्युंजय शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष, रमेश शुक्ला को प्रदेश महासचिव और संजय कुमार अग्रवाल को राज्य कोषाध्यक्ष चुना गया।
नकली और नशीली दवाओं पर सख्त रुख:
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि संगठन नकली व नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई और दवा व्यवसायियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा। इससे दवा कारोबार पारदर्शी बनेगा और आम जनता को सुरक्षित दवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के जीएसटी सुधार से उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को लाभ हुआ है, जिसे संगठन सरकार का क्रांतिकारी कदम मानता है।
ऑनलाइन फार्मेसी पर चिंता:
मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी का दुष्प्रभाव पारंपरिक दवा व्यवसाय से जुड़े लाखों केमिस्टों के लिए खतरा बनता जा रहा है। संगठन सरकार से मांग करेगा कि ऑनलाइन दवा बिक्री करने वाली कंपनियों को इंडियन ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के दायरे में लाया जाए। साथ ही ऑनलाइन दवा लाइसेंसीकरण प्रक्रिया को सरल बनाकर पब्लिक डोमेन में पूरी तरह खोलने की मांग भी की जाएगी।
फार्मेसी नीति और कॉलेज की मांग:
उन्होंने झारखंड सरकार से राज्य के हर जिले में सरकारी फार्मेसी कॉलेज खोलने, फार्मेसी नीति लागू करने और फार्मेसी हब विकसित करने की मांग की। इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को लाभ मिलेगा और राज्य में दवा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
औषधि प्रशासन में भ्रष्टाचार पर अंकुश की मांग:
संगठन ने राज्य के विभिन्न जिलों में औषधि प्रशासन कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार, आर्थिक उत्पीड़न और तानाशाही पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की, ताकि वैध रूप से दवा व्यवसाय करने वालों के बीच से भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल समाप्त हो सके।
संघर्ष से बनेगा मजबूत संगठन:
प्रदेश महासचिव रमेश शुक्ला ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद राज्य स्तरीय नए संगठन का गठन हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन औषधि प्रशासन से टकराव नहीं, बल्कि संवाद और सहयोग के रास्ते पर चलेगा। उन्होंने सुदूरवर्ती क्षेत्रों के दवा व्यवसायियों को जोड़कर संगठन को मजबूत बनाने और एआईओसीडी से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर पर काम करने की बात कही।
जिला संगठनों को जोड़ने की अपील:
इससे पहले केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन के सचिव अमिताभ मिश्रा ने संगठन के गठन को संघर्ष का परिणाम बताते हुए जिला स्तरीय संगठनों को एफिलिएटेड दर्जा देने की मांग की। बैठक के अंत में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को अंगवस्त्र और गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया।
रिपोर्टः बिनोद सिंह
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