गयाजी : नववर्ष की आज यानी एक जनवरी 2026 की पहली सुबह है। सूरज चढ़ा तो शहर की फिजा में शंखनाद, घंटियों की गूंज और जयकारों की आवाज घुल गई। विष्णुपद मंदिर, मां मंगलागौरी धाम और विश्वविख्यात बोधगया इन तीनों जगह आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा की रास्ते, गलियां और चौक सब भर गए। श्रद्धालु, पर्यटक, युवा, परिवार और सनातन परंपरा से जुड़े लोग। हर कोई नए साल की शुरुआत अपने आराध्य के चरणों में माथा टेक कर करना चाहता था।
विष्णुपद मंदिर में सुबह से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लग गईं
विष्णुपद मंदिर में सुबह से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लग गईं। अब तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु भगवान श्रीहरि के चरणों में शीश नवाकर दिन की शुरुआत कर चुके हैं। मंदिर परिसर के भीतर आस्था थी, लेकिन बाहर अव्यवस्था। श्रद्धालुओं की भीड़, सड़कों पर खड़ी बाइकें और कारें। सब मिलकर जाम की वजह बन गए। हालात ऐसे कि पुलिस बल मौके पर मौजूद होकर भी बेबस नजर आया। कई बार तो वाहनों की कतारें रेंगती दिखीं तो कई जगह पूरी तरह थम गईं। लेकिन आस्था का सैलाब नहीं रुका।

पंडा गजाधर लाल कटरियर ने कहा- सुबह से लगातार श्रद्धालु आ रहे हैं
मंदिर के पंडा गजाधर लाल कटरियर कहते हैं कि सुबह से लगातार श्रद्धालु आ रहे हैं। यह एक अच्छी परंपरा बन रही है। लोग साल के पहले दिन भगवान के विधिवत दर्शन कर जीवन की नई शुरुआत करना चाहते हैं। उनका मानना है कि यह आस्था नहीं संस्कार है जो हर साल और मजबूत हो रहा है। श्रद्धालुओं की भावनाएं भी साफ झलक रही थीं। भगवान विष्णु से प्रार्थना की है कि नया साल बेहतर हो। खुद भी अच्छा करें और दूसरों की मदद कर सकें। उनके चेहरे पर संतोष था, आवाज़ में विश्वास।

प्रयागराज से आए रूपेश सिंह ने नए साल की शुरुआत को देश की तरक्की से जोड़ा
प्रयागराज से आए रूपेश सिंह ने नए साल की शुरुआत को देश की तरक्की से जोड़ा। कहा कि भगवान विष्णु के जयकारे और दर्शन के साथ साल शुरू किया है। हमारा देश विश्व में शक्तिशाली बन रहा है। प्रभु से यही कामना है कि यह सपना जल्द पूरा हो। उधर, बोधगया में भी सुबह से रौनक रही। महाबोधि मंदिर परिसर में देश-विदेश से आए पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

हर बार नया साल कहीं और मनाते थे, इस बार सोचा, बोधगया चलें, 4 दोस्त आए हैं – कमल कुमार
पटना के राजीव नगर से आए कमल कुमार ने बताया कि हर बार नया साल कहीं और मनाते थे। इस बार सोचा, बोधगया चलें। चार दोस्त आए हैं। भगवान बुद्ध के दर्शन कर मन को शांति मिली। मां मंगलागौरी धाम में भी हालात कुछ अलग नहीं थे। वहां भी श्रद्धालुओं की भीड़, पूजा-अर्चना और मन्नतों का दौर चलता रहा। नए साल के पहले दिन गयाजी में आस्था ने शहर को थाम लिया। मंदिरों में श्रद्धा, सड़कों पर जाम और हर चेहरे पर एक उम्मीद कि यह साल कुछ अच्छा लेकर आए।

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आशीष कुमार की रिपोर्ट


