बेतिया मे सड़क पर भू-माफिया का अवैध निर्माण, विरोध करने पर हुई मारपीट, मंत्री के फोन के बाद भी कार्रवाई नहीं, चार दिन से पुलिस है मौन
बेतिया(प•चम्पारण) : बेतिया मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बेतिया–अरेराज मुख्य पथ पर हरदिया जोड़ा पुल के पास सरकारी सड़क पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार खड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस अवैध निर्माण से न सिर्फ सरकारी सड़क प्रभावित हो रहा है, बल्कि बगल में स्थित एक किसान की निजी भूमि भी अतिक्रमण की चपेट में आ गईं है उक्त मामले में पीड़ितों ने मुफस्सिल थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है । स्थानीय लोगों के अनुसार, अवैध कब्जे का विरोध करने पर भू-माफियाओं द्वारा मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। जिससे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
भू माफिया का आतंक, निर्माण कार्य जारी रहने से तनाव की स्थिति
इस संबंध मे स्थानीय बबलू कुमार ने बताया कि जोड़ा नहर से पूरब सरेह जाने वाली यह सड़क सरकारी नक्शे में दर्ज है, जिसकी चौड़ाई 15 से 40 फीट तक है। यह सड़क खाता संख्या 178, खेसरा संख्या 871 में अंकित है और इसी रास्ते से किसान अपने खेतों तक आते-जाते हैं। पुलिस के पहुंचने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुका और सड़क किनारे लगे हरे पेड़ों की भी कटाई कर दी गई। पड़ितों ने बताया कि पुलिस द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे फिर से तनाव की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद के आवास पर पहुंचकर शिकायत की।
पहले भी अवैध कब्जे का लगा आरोप
मंत्री नारायण प्रसाद ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व भी इसी जमीन पर कब्जे का प्रयास हुआ था, जिसे पुलिस और अंचलाधिकारी के हस्तक्षेप से रोका गया था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी नक्शे में यह भूमि सड़क के रूप में दर्ज है, फिर भी भू-माफिया जबरन कब्जा करना चाहते हैं।
पुलिस की निष्क्रियता से भू-माफियाओं के हौसले बुलंद
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चार दिन पूर्व पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी गई, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस की निष्क्रियता से भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और आम लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं।
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दीपक कुमार की रिपोर्ट
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