क्विक कॉमर्स की पहचान रहा “10 मिनट डिलीवरी” मॉडल अब खत्म!
Blinkit से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। जिस फीचर ने क्विक कॉमर्स को पहचान दिलाई — 10 मिनट में डिलीवरी, वही अब इतिहास बनने जा रहा है।
एक समय था जब अगर किसी ग्राहक को तुरंत कोई सामान चाहिए होता था, तो सबसे पहला नाम Blinkit का ही आता था। लेकिन अब कंपनी ने अपने सबसे चर्चित और विवादित फीचर को पूरी तरह हटाने का फैसला कर लिया है।
क्यों हटाया गया 10 मिनट डिलीवरी मॉडल?
बताया जा रहा है कि यह फैसला डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। तेज़ डिलीवरी के दबाव में:
सड़क हादसों की संख्या बढ़ी
डिलीवरी बॉय पर अनावश्यक टाइम प्रेशर बना
कम वेतन और ज्यादा रिस्क को लेकर भारी नाराज़गी दिखी
इसी वजह से Blinkit समेत कई क्विक कॉमर्स कंपनियों को सोशल मीडिया पर जबरदस्त आलोचना का सामना करना पड़ा।
यूज़र्स और डिलीवरी पार्टनर्स लगातार अंडरपेमेंट और सेफ्टी इश्यू को लेकर आवाज़ उठा रहे थे।
सरकार की दखल के बाद बदला मॉडल
इस मुद्दे पर केंद्रीय श्रम मंत्री मंसुख मांडविया ने क्विक कॉमर्स सेक्टर की सक्रिय कंपनियों से बातचीत की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार के हस्तक्षेप के बाद अब सिर्फ Blinkit ही नहीं, बल्कि पूरे क्विक कॉमर्स सेक्टर से 10-मिनट डिलीवरी फीचर हटाया जा सकता है।
जल्द ही इस पर आधिकारिक घोषणा भी संभव है।
संसद में भी उठा था मामला
यह मुद्दा संसद तक पहुंच चुका है, जहां साफ कहा गया कि:
तेज़ डिलीवरी की होड़ में डिलीवरी पार्टनर्स की जान खतरे में डाली जा रही है
कम वेतन और ज़्यादा दबाव अमानवीय है
सड़क दुर्घटनाओं के मामले बढ़ रहे हैं
इन्हीं मांगों को लेकर पहले भी कई डिलीवरी पार्टनर्स हड़ताल कर चुके हैं।
बड़ा सवाल
क्या क्विक कॉमर्स बिना “10 मिनट डिलीवरी” के भी टिक पाएगा?
क्या अब डिलीवरी पार्टनर्स की सैलरी और सेफ्टी को प्राथमिकता मिलेगी?
जो मॉडल कभी मार्केटिंग की ताकत था, वही आज विवाद की वजह बन गया।
10 मिनट डिलीवरी ने क्विक कॉमर्स को बनाया — और अब वही फीचर खत्म कर दिया गया।
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सेफ्टी ज़रूरी है
डिलीवरी पार्टनर्स का हक़ बनता है
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क्योंकि यह सिर्फ टेक की खबर नहीं — ज़मीन पर काम करने वालों की ज़िंदगी का सवाल है।
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