विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की विराट रामायण मंदिर में होगी स्थापना,मुख्यमंत्री नीतीश सहित दोनों उपमुख्यमंत्री बनेंगे साक्षी, दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब

विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की विराट रामायण मंदिर में होगी स्थापना,मुख्यमंत्री नीतीश सहित दोनों उपमुख्यमंत्री बनेंगे साक्षी, दर्शन को उमड़ा भक्तों का सैलाब

पूर्वी चंपारण : जिले स्थित विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे ऊंचे 33 फुट शिवलिंग की स्थापना होने वाली है। स्थापना से पूर्व वाराणसी के पंडित द्वारा पूजा-अर्चना किया जाएगा। शिवलिंग की पूजा के लिए कंबोडिया और कोलकाता से फूल मंगाया गया है। मंदिर परिसर में स्थापना को लेकर एक ट्रक फूल पहुंच गए हैं। इसमें गुलाब, गेंदा, गुलदाउदी, आदि फूल शामिल है। शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए खास तरह का 18 फीट का माला तैयार किया गया है, जिसे फूल सहित भांग, धतूरा, बेलपत्र मिलाकर बनाया गया है।

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राम मंदिर और काशी विश्वनाथ के पंडित पीठ पूजन के बाद करेंगे स्थापना

वहीं, शिवलिंग को इंस्टॉल करने के लिए राजस्थान और भोपाल से दो क्रेन मंगाए गए हैं। स्थापना से एक दिन पहले इन क्रेन की मदद से ट्रायल रन भी किया गया। यह दोनों क्रेन 750 टन की कैपेसिटी के हैं और इसकी मॉनिटरिंग टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज कर रही है। अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ के पंडित होंगे शामिल सुबह 8 से 10:30 बजे तक पीठ पूजन होगा। इसके बाद हवन और फिर शिवलिंग की स्थापना होगी। यहां पूजा के लिए महावीर मंदिर से करीब सात पंडित पहुंचे हैं। इसके साथ ही अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, गुजरात, हरिद्वार, महाराष्ट्र से भी पंडित पहुंचे हैं। पीठ पूजन में ये लोग शामिल होंगे।

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आठ पवित्र स्थलों के जल से होगा जलाभिषेक, 4 बड़े LED स्क्रीन पर दिखेगा अभिषेक

सहस्त्र लिंगम की स्थापना के दौरान होने वाले भव्य यज्ञ में चारों वेदों के विद्वानों को आमंत्रित किया गया है। 4 LED बड़े स्क्रीन लगाए गए हैं, ताकि लोग लाइव स्थापना को देख सके। 8 पवित्र स्थलों के जल से किया जाएगा अभिषेक शिवलिंग की स्थापना के लिए अलग-अलग जगहों से जल मंगाया गया है। कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, गंगा सागर, सोनपुर, रामेश्वरम से गंगा जल मंगाया गया है। इसके साथ ही सिंधु, नर्मदा, नारायणी, कावेरी, गंडक नदी के जल से भी अभिषेक होगा।

17 जनवरी को माघ कृष्ण चतुर्दशी की तिथि है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और भगवान शिव की लिंग के रूप में पूजा हुई थी। इस दिन का महत्व शिवरात्रि के समान माना जाता है, इसलिए स्थापना के लिए यह दिन चुना गया है। वहीं, शिवलिंग के पूर्व दिशा में स्थित एक बड़े मंडप में यज्ञ स्थल का निर्माण किया गया है।

नीतीश कुमार और दोनों डिप्टी सीएम रहेंगे मौजूद

शिवलिंग की स्थापना के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद रहेंगे। उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी आएंगे। इसके अलावा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सहित अन्य मंत्री, विधायकों, सांसदों को भी निमंत्रण भेजा गया है। तमिलनाडु में तैयार हुआ है शिवलिंग बता दें कि तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 33 फीट ऊंचा, 33 फीट लंबा और 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग को तैयार किया गया। शिवलिंग का निर्माण इस तरह किया गया है कि यह भूकंपरोधी हो और आने वाले सैकड़ों सालों तक सुरक्षित रह सके। एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बना शिवलिंग।

210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग का निर्माण दस वर्षो से था जारी

शिवलिंग निर्माण करने वाली कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण के अनुसार, इस शिवलिंग के निर्माण पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यह विशाल शिवलिंग एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है। यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन वजनी है। तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में बीते 10 साल से विशाल शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा था। शिवलिंग के मुख्य शिल्पकार लोकनाथ हैं, उनकी टीम ने इसे तराशा है।
सड़क मार्ग से इसे 21 नवंबर को महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना किया गया था। शिवलिंग को रवाना करने के पहले पूजा-पाठ की गई थी, जिसमें स्थानीय गांव के लोग भी शामिल हुए थे।

विराट रामायण मंदिर की स्थापना आचार्य किशोर कुणाल का था ड्रीम प्रोजेक्ट

बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद और महावीर मंदिर स्थान न्यास समिति के सचिव सायन कुणाल के मुताबिक, मंदिर निर्माण काम को समय पर पूरा करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं, ताकि बिहार में विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर स्थापित हो सके। साल 2023 के 20 जून को शिलान्यास के बाद विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। पटना से इस मंदिर की दूरी लगभग में 120 किलोमीटर है।

विराट रामायण मंदिर में चार आश्रम होंगे। चकिया का विराट रामायण मंदिर आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। विराट रामायण मंदिर का निर्माण हो जाने पर यह विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर होगा। स्थापना समारोह में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब शिवलिंग की स्थापना के अवसर पर कैथवलिया और आसपास के इलाकों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा इलाका शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतनी भव्य और दिव्य रचना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।

विशाल शिवलिंग की स्थापना से पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना के बाद मोतिहारी और पूर्वी चंपारण के पर्यटन मानचित्र में कैथवलिया का नाम प्रमुखता से जुड़ गया है। माना जा रहा है कि देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को नई पहचान मिलेगी। पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन सहयोग करे तो यह स्थल बिहार के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है।

सोहराब आलम की रिपोर्ट

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