मछली उत्पादन में बिहार का जलवा, एक दशक में दोगुना उत्पादन से टॉप 4 में पहुँचा बिहार
पटना : बिहार सरकार का डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग मछली पालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
मछलियों के बीज उत्पादन में विभाग की शानदार उपलब्धि
इसी कड़ी में विभाग ने मछलियों के बीज उत्पादन में शानदार उपलब्धि दर्ज की है। विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक ही वर्ष में मत्स्य बीज उत्पादन में 44.46 प्रतिशत तथा मछली की अंगुलिकाओं के उत्पादन में 24.70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। माना जा रहा है कि इससे राज्य में मछलियों का उत्पादन तेजी से बढ़ेगा।
मत्स्य बीज एवं फिंगरलिंग के उत्पादन में तेजी से बढ़ रहा बिहार
मत्स्य बीज का उत्पादन वित्तीय वर्ष 2023-24 में 51,335 लाख था, जो बढ़कर वर्ष 2024-25 में 74,156 लाख हो गया है। वहीं इसी अवधि में मछली की अंगुलिकाओं का उत्पादन 8,560 लाख था, जो 2024-25 में बढ़ कर 10,679 लाख हो चुका है। राज्य में मत्स्य बीज एवं फिंगरलिंग का उत्पादन बढ़ाने के लिए विभाग मत्स्य बीज उत्पादन योजना चला रहा है। इसके साथ ही बेहतर तालाब प्रबंधन, मत्स्य पालन के लिए वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग, आहार प्रबंधन तथा गुणवत्तापूर्ण बीज के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं मछली पालकों को राज्य के भीतर एवं राज्य के बाहर प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय रैंकिंग चौथे स्थान पर बिहार
बिहार मछली उत्पादन के क्षेत्र में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। हाल के वर्षों में औसत वार्षिक वृद्धि दर 6 प्रतिशत से 6.7 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई है। वहीं, वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक के दशक में मत्स्य उत्पादन में करीब 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जो राज्य के मत्स्य क्षेत्र की क्षमता, संसाधन प्रबंधन और सरकारी पहलों की प्रभावशीलता को दर्शाती है। वर्ष 2013-14 में राज्य की मत्स्य उत्पादन में राष्ट्रीय रैंकिंग नौवें स्थान पर थी। बिहार सरकार के सतत प्रयासों से वर्ष 2023-24 में राज्य की राष्ट्रीय रैंकिंग चौथे स्थान पर पहुंच गई है।
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