भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर रूस ने 13 भारतीय भाषाओं में शुभकामनाएं देकर सबका ध्यान खींचा। यह पहल भारत रूस मित्रता की नई मिसाल बनी।
Russia’s Creative Diplomacy: कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की शक्ति, दुनिया ने देखा पराक्रम
रांची: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन हुआ। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित इस समारोह को पूरी दुनिया ने देखा। अमेरिका, फ्रांस, जापान सहित कई देशों ने भारत को गणतंत्र दिवस की बधाई दी और उसकी लोकतांत्रिक परंपराओं की सराहना की।
Key Highlights
रूस ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर 13 भारतीय भाषाओं में दी बधाई
संस्कृत से लेकर तमिल और असमिया तक शामिल रहीं कई भाषाएं
कर्तव्य पथ पर परेड में भारत की सैन्य और सांस्कृतिक ताकत का प्रदर्शन
सोशल मीडिया पर रूस की बधाई को मिला व्यापक समर्थन
भारत रूस रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों की मजबूत झलक
Russia’s Creative Diplomacy: रूस की बधाई बनी चर्चा का केंद्र
हालांकि तमाम वैश्विक नेताओं के संदेशों के बीच असली चर्चा रूस की ओर से आई बधाई को लेकर हुई। भारत में तैनात रूसी राजनयिकों ने इस बार पारंपरिक संदेश से हटकर कुछ अलग किया। रूस ने पहली बार गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत को 13 भारतीय भाषाओं में शुभकामनाएं दीं। संस्कृत, हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, उड़िया, असमिया और उर्दू जैसी भाषाओं में दिए गए संदेश ने लोगों को भावुक कर दिया।
Russia’s Creative Diplomacy: भारत रूस दोस्ती की मजबूत तस्वीर
रूसी राजनयिकों की यह पहल केवल औपचारिक शुभकामना नहीं रही, बल्कि इसे भारत और रूस के गहरे सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह संदेश तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने इसे भारत की भाषाई विविधता के प्रति सम्मान बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी मित्रता को नई पीढ़ी के सामने मजबूती से प्रस्तुत करता है।
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